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इन्दौर। लोकायुक्त पुलिस ने एक ट्रैप कार्रवाई करते नगर निगम के सफाई दरोगा और उसके साथी सुपरवाइजर को रिश्वत लेते रंगेहाथों पकड़ा। मामले में फरियादी मनोज चौहान और आरोपी रिश्वतखोर दरोगा गोपाल पटौना (नगर निगम-22 स्वास्थ्य विभाग) और भरत मुराड़िया (सुपरवाइजर थर्ड आई कंपनी) हैं। मामले में बताया जा रहा है कि मनोज चौहान ने राजेश सहाय लोकायुक्त एसपी को अपनी लिखित शिकायत में बताया था कि उसका ट्रैक्टर C-21 मॉल का मलबा उसकी ही साइट पर ले जाकर डालता है। इसके एवज में उसे प्रति फेरा 500 रुपए मिलते हैं। 24 सितंबर को नगर निगम के दरोगा गोपाल और सहायक भरत ने उसका ट्रैक्टर पकड़ लिया और कहा कि मलबा के साथ कचरा भी है। तथा ट्रैक्टर छोड़ने के बदले 10 हजार रु. मांग रहे हैं। फरियादी ने अपनी शिकायत में बताया कि भरत ने उसी समय 2 हजार रुपए ले लिए और बाकी 3 हजार के लिए गुरुवार दोपहर को बुलाया है। एसपी ने शिकायत सत्यापन कराया तो पता चला कि दोनों ने फरियादी मनोज का मोबाइल भी रख बाकी रुपए लेकर आने को कहा है। इस पर लोकायुक्त एस पी ने दोनों को रंगेहाथों पकड़ने का प्लान तैयार किया। जब योजना अनुसार मनोज ने गोपाल पटौना को 3 हजार रुपए दिए जो कि उसने लिए और भरत को दे दिए तथा मनोज से मासिक बंदी की मांग भी की। तभी वहां सक्रिय लोकायुक्त टीआई प्रतिभा तोमर, एएसआई रहीम खान, आशीष शुक्ल, लेन्द्र बघेल, आदित्य भदौरिया की टीम ने उन्हें रंगेहाथों पकड़ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।

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