Spread the love

मामला मुस्लिम कर्मचारियों को नहीं रखने का
इन्दौर। पूर्व मुख्यमंत्री और राज्य सभा सांसद दिग्विजय सिंह ने आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ इन्दौर के शीतलामाता बाजार में पहुंचने का प्रयास किया जिस पर पुलिस ने उन्हें बाजार में घुसने से रोक दिया। जिसके बाद दिग्विजय सिंह पैदल ही सराफा थाने पहुंचे और अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। बता दें कि इंदौर के सीतलामाता बाजार की दुकानों में मुस्लिम कर्मचारी को रखने को लेकर चल रहे विवाद में विधायक मालिनी गौड़ के पुत्र एकलव्य सिंह गौड़ के वक्तव्य पर विरोध स्वरूप पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह सीतलामाता बाजार पहुंच दुकानदारों से मिलने वाले थे और उसके बाद उन्हें सराफा थाने जाना था। लेकिन पुलिस ने उन्हें सीतलामाता बाजार में नहीं घुसने दिया जिसके चलते उनकी पुलिस अधिकारी से बहस भी हुई। वहीं दिग्विजय सिंह के सराफा थाना पहुंचने के दौरान हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने उन पर चूड़ियां फेंकी। विवाद की स्थिति को देखते हुए इलाके में भारी पुलिस फोर्स और रैपिड एक्शन फोर्स को तैनात किया गया। इस दौरान ‌सीतलामाता बाजार के व्यापारियों द्वारा अपनी दुकानें भगवा झंडों और बैनरों से पाट दी गई थी और दुकान संचालकों ने गले में केसरिया पट्टा पहन रखा था।‌ व्यापारी एसोसिएशन का कहना है कि वे दिग्विजय सिंह का विरोध करेंगे। महिलाएं भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल है। वो चूड़ियां लेकर खड़ी थीं। जिसके बाद सराफा थाना पहुंचे दिग्विजय सिंह ने कहा कि एक विधायक के समर्थक मुसलमानों को नौकरी न देने और उनके व्यापार बंद कराने की बात कह रहे हैं। क्या यह कानूनन अपराध नहीं है और अगर है तो पुलिस ने अब तक एफआईआर क्यों नहीं की। उन्होंने कहा कि लोग प्रदर्शन कर रहे हैं और कह रहे हैं कि उनका कसूर सिर्फ इतना है कि वे मुसलमान हैं। जो लोग ईमानदारी से व्यापार कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं, उन्हें धमकाना पूरी तरह से गलत है और इसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *