चिकित्सा अधिकारी को संविदा सेवा की समाप्ति के लिये कारण बताओ नोटिस जारी

छिंदवाड़ा ! कलेक्टर श्री शीलेन्द्र सिंह द्वारा जिला चिकित्सालय छिंदवाड़ा के संविदा चिकित्सा अधिकारी डॉ.सानिध्य दुबे को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के परिनियमों के अंतर्गत संविदा सेवा की समाप्ति के लिये कारण बताओ नोटिस जारी गया है।
उन्होंने बताया कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी छिंदवाड़ा के माध्यम से प्राप्त संदर्भित जाँच प्रतिवेदन के अनुसार जिला चिकित्सालय छिंदवाड़ा के संविदा चिकित्सा अधिकारी डॉ. दुबे के विरुद्ध समाचार पत्रों एवं सोशल मीडिया पर प्रकाशित विवादित खबर की जाँच के लिये मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा गठित तीन सदस्यीय जाँच समिति की रिपोर्ट 25 सितंबर 2025 के आधार पर 18 सितंबर 2025 को रात्रि लगभग 11.00 बजे ड्यूटी के दौरान, श्री अनिल इवनाती एवं श्री अरविंद धुर्वे से वार्तालाप करते हुए संविदा चिकित्सा अधिकारी डॉ. दुबे ने यह कथन दिया “डॉक्टर बनकर क्या करोगे यदि चरस, गांजा की चोरी करोगे तो माफिया बनो डॉक्टर बनकर क्या करेंगे”।
संविदा चिकित्सा अधिकारी डॉ. दुबे का यह कथन एक चिकित्सा अधिकारी के रूप में पद की गरिमा के सर्वथा विरुद्ध है। डॉ. दुबे के इन आपत्तिजनक बयानों के कारण जिला चिकित्सालय एवं जिला प्रशासन की छवि धूमिल हुई और इस मामले ने व्यापक जन असंतोष उत्पन्न किया। डॉ. दुबे का यह कृत्य सेवा के प्रति लापरवाही एवं प्रशासकीय छवि को गंभीर क्षति पहुँचाता है।
डॉ.दुबे का यह कृत्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, मध्यप्रदेश, भोपाल के परिपत्र 27 फरवरी 2025 में निहित संविदा सेवा शर्तों की कंडिका 12.4.2 (कदाचरण) का स्पष्ट उल्लंघन है। कंडिका 12.4.2 के अनुसार, संविदा कर्मचारी का ऐसा कोई भी कृत्य जो शासकीय सेवा की गरिमा के प्रतिकूल हो, कदाचरण माना जाएगा।
डॉ. दुबे के इस गंभीर कदाचरण और घोर लापरवाही के लिए कलेक्टर श्री सिंह द्वारा संविदा चिकित्सा अधिकारी डॉ. दुबे को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के परिनियमों के अंतर्गत संविदा सेवा की समाप्ति के लिये कारण बताओ नोटिस जारी गया है। उन्होंने नोटिस प्राप्ति के 07 दिवस के भीतर डॉ.दुबे से कार्यालय में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिये हैं।
निर्धारित समय-सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब प्राप्त न होने पर, यह मानते हुए कि डॉ. दुबे को अपने बचाव में कुछ नहीं कहना है, इस स्थिति में डॉ.दुबे के विरुद्ध नियम 12.1.7 के तहत संविदा सेवा समाप्ति की एक तरफा कार्यवाही प्रस्तावित की जाएगी।
