
इन्दौर। केबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को लेकर दिए बयान से गुस्साए कांग्रेसियों ने आज राजबाड़ा चौक पर उनका पुतला फूंक दिया। इसके पहले कांग्रेसियों ने उनके पुतले की बाकायदा अर्थी निकाल चप्पलों से पिटाई करते नारेबाजी के साथ उनका विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सोनाली मिमरोट और रीटा डांगरे के नेतृत्व में सैकड़ों महिलाएं शामिल हुईं। कांग्रेस नेता दीपक पिंटू जोशी ने कहा कि मंत्री विजयवर्गीय का बयान निंदनीय है और उन्हें इसके लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। राजबाड़ा पर कैलाश विजयवर्गीय के पुतले दहन के दौरान मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद था, लेकिन महिलाओं की भीड़ और उनकी उग्रता को देखते हुए उन्होंने पुतले को छीनने की कोशिश नहीं की गई। इस दौरान कांग्रेसियों ने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में मंत्री इस तरह की आपत्तिजनक टिप्पणी करते हैं तो पार्टी और उग्र आंदोलन करेगी। कैलाश विजयवर्गीय के पुतला दहन में शामिल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि आज अगर कैलाश विजयवर्गीय सामने होते, तो महिलाएं उन्हें ही जिंदा आग लगा देतीं। केवल कांग्रेस की नहीं, बल्कि पूरे भारत की महिलाएं आक्रोशित हैं। वर्मा ने आरोप लगाया कि बीजेपी की खाल में छिपे लोग भाई-बहन के रिश्ते को कलंकित कर रहे हैं। उन्होंने कहा, कैलाश विजयवर्गीय ने जिस तरह के शब्द कहे, उसे सुनकर मुझे उनके पुतले का विरोध करने आना पड़ा। उन्होंने कहा कि जनता को समझना चाहिए कि ऐसे लोगों को चुनाव जीताकर भेजा जाता है, जो भाई-बहन के रिश्ते की अहमियत नहीं समझते और जिन पर खुद कई मामले चल रहे हैं। वहीं केबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सज्जन सिंह वर्मा के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ऐसे लोग फ्रस्ट्रेटेड होते हैं और इसी कारण इस तरह की बातें करते हैं। कुर्सी हाथ से जाने के बाद निराशा और फ्रस्ट्रेशन होना आम बात है। इस उम्र में ऐसा हो ही जाता है। हमेशा बुजुर्गों और बच्चों को माफ़ करना चाहिए।
