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2 साल से नहीं खुला कोई नर्सिंग कॉलेज, अब बढ़ेंगी 20 हजार सीट
भोपाल। मध्य प्रदेश में जल्द ही 200 नए निजी नर्सिंग कॉलेज खुलने जा रहे हैं, इनमें नर्सिंग की करीब 20 हजार सीटें होंगी। हालांकि इन कॉलेजों में अब तक शैक्षणिक सत्र शुरु हो जाना था, लेकिन विभाग की लेटलतीफी के कारण अब तक इन कॉलेजों को मान्यता ही प्रदान नहीं की जा सकी है। इंडियन नर्सिंग काउंसिल द्वारा निर्धारित कैलेंडर के अनुसार इन कॉलेजों में 30 सितंबर तक प्रवेश प्रक्रिया भी पूरी होनी थी। हालांकि अब मध्य प्रदेश स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ने इस मामले में संवेदनशीलता दिखाई है।
नर्सिंग कालेजों की मान्यता में फर्जीवाड़े को लेकर शिकायत हुई थी। यह मामला करीब 2 साल तक हाईकोर्ट में भी विचाराधीन रहा, जिसके कारण 2 साल तक प्रदेश में नर्सिंग के कोई नए कॉलेज नहीं खोले गए, लेकिन अब इस मामले में कोर्ट से पटाक्षेप होने के बाद सरकार एक बार फिर नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता जारी करने जा रही है।
बिना निरीक्षण इन कॉलेजों को मिलेगी मान्यता
फर्जीवाड़ा रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने स्थानीय कलेक्टरों को नर्सिंग कॉलेजों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए थे, लेकिन कलेक्टरों ने इस काम में रुचि नहीं दिखाई। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के आयुक्त द्वारा बार-बार पत्र लिखने के बाद नर्सिंग कॉलेजों का निरीक्षण पूरा हो सका है। एक साल पहले सीबीआई ने जिन 172 कॉलेजों को अपनी जांच रिपोर्ट में उपयुक्त बताया था, उन्हें बिना निरीक्षण के ही नवीनीकरण की मान्यता मिल जाएगी।
14 जुलाई तक पूरा होना था निरीक्षण
इंडियन नर्सिंग काउंसिल के कैलेंडर के अनुसार मान्यता के लिए आवेदन करने वाले नर्सिंग कॉलेजों के निरीक्षण का कार्य 14 जुलाई तक पूरा होना था। अब इन कॉलेजों को मान्यता देकर यहां प्रवेश प्रारंभ कराना था, लेकिन अभी इन कॉलेजों की मान्यता ही अधर में अटकी है। अब नर्सिंग कॉलेजों में प्रवेश की निर्धारित तारीख समाप्त होने के बाद प्रवेश के लिए राज्य सरकार को विशेष अनुमति लेनी होगी।
सोमवार से पहले जारी होगी मान्यता
लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के संचालक मनोज सरयाम ने बताया कि मध्य प्रदेश के नर्सिंग कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया एक सप्ताह के भीतर प्रारंभ हो जाएगी। इससे पहले सोमवार तक नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता जारी कर दी जाएगी। इसके बाद नर्सिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सरयाम ने बताया कि 200 नए कॉलेजों को मान्यता मिलने से प्रदेश में करीब 20 हजार नर्सिंग की सीटें बढेंगी।
उत्तर प्रदेश और राजस्थान समेत अन्य राज्यों में नर्सिंग कॉलेजों की प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो चुकी है या अंतिम चरण में है। इंडियन नर्सिंग काउंसिल के अनुसार भी 30 सितंबर तक प्रवेश की अंतिम तिथि निर्धारित की गई थी। ऐसे में यदि किसी विद्यार्थी का चयन मध्य प्रदेश के नर्सिंग कॉलेजों में नहीं होता है, तो वह दूसरे राज्यों में प्रवेश नहीं ले पाएगा। वहीं प्रवेश में देरी के कारण पूरा सत्र प्रभावित होगा और इसका सबसे अधिक असर स्टूडेंट पर पड़ेगा।

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