
पांडुतला टोल नाका में एक दर्जन से अधिक लोगों ने की थी तोड़-फोड़, लूटपाट
रिमांड पर लेकर आरोपियों से पूछताछ कर रही है पुलिस
मंडला जिले और स्थानीय लोगों के सहयोग से घटना को दिया था अंजाम
बालाघाट। गढ़ी थाना क्षेत्र के पांडुतला टोल नाका डकैती कांड मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में फरार आरोपियों की तलाश जारी है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने 98 हजार रुपए नगद और 2 मोबाइल को बरामद किया है। आरोपियों को पुलिस रिमांड में लेकर पूछताछ की जा रही है। इस मामले में पुलिस ने मंडला जिले के रंजीत साहू, गणेश साहू, मुकेश सैय्याम, अजय कोकडिया और सुदर्शन धुर्वे को गिरफ्तार किया गया है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बैहर आदर्शकांत शुक्ला ने बताया कि 19 सितंबर की रात्रि करीब सवा आठ बजे दो ट्रकों के ओवरलोड चार्ज को लेकर टोल कर्मियों के साथ मुकेश सैय्याम, रंजीत साहू, सुदर्शन धुर्वे और संतोष धुर्वे का विवाद हुआ था। टोल प्लाजा में पहुंचे लोगों ने अधूरा भुगतान कर वहां से आगे चले गए थे। इसके बाद रात्रि में करीब 11 बजे रंजीत साहू अपने 11 साथियों के साथ पुन: टोल प्लाजा पहुंचा। सभी लोगों ने चेहरे पर मास्क बांधे थे और हाथों में लाठी -डंडे लिए थे। आरोपियों ने टोल बूथ पर पहुंचकर जमकर तोड़-फोड़ की। कांच, कम्प्यूटर सिस्टम, कैमरे और टोल प्लाजा के वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया। टोल कर्मियों के साथ मारपीट की और काउंटर में रखे 1 लाख 13 हजार 400 रुपए और दो मोबाइल लूटकर फरार हो गए थे। इस मामले की शिकायत टोल प्लाजा मेनेजर वरुण प्रताप सिंह ने थाना में दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने धारा 310 (2), 296, 115 (2), 351 (3) बीएनएस, 3 (2)(ड) (सार्वजनिक संपत्ति) तथा नुकसान निवारण अधिनियम 1984 के तहत अपराध दर्ज किया गया। इस मामले में एसपी आदित्य मिश्रा के निर्देश पर एएसपी आदर्शकांत शुक्ला, एसडीओपी बैहर करणदीप सिंह के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी भूपेंद्र पंद्रो की टीम ने आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने में सफलता अर्जित की।
राजनांदगांव से गिरफ्तार हुआ मुख्य साजिशकर्ता
पुलिस ने बताया कि इस घटना का मुख्य साजिशकर्ता रंजीत साहू है, जिसे छत्तीसगढ़ राज्य के राजनांदगांव से गिरफ्तार किया गया है। हालंाकि, इसके पूर्व पुलिस ने टोल प्लाजा व आसपास के स्थानों के सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों का विशलेषण कर आरोपियों की पहचान की थी। एएसपी आदर्शकांत शुक्ला ने बताया कि आरोपियों की पहचान होने के बाद उनके ठिकानों पर दबिश दी गई थी। गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि ट्रकों के ओवरलोड चार्ज को लेकर यह विवाद हुआ था। जिसके चलते टोल प्लाजा के कर्मचारियों के साथ मारपीट, बूथों में तोड़-फोड़ कर वहां से लूटकर फरार हो गए थे। आरोपियों ने यह भी बताया कि ट्रक चालक रंजीत साहू और संतोष धुर्वे ने 11 साथियों के साथ योजनाबद्ध तरीके से घटना को अंजाम दिया गया है।
आरोपियों के रिकार्ड जुटा रही पुलिस
एएसपी आदर्शकांत शुक्ला ने बताया कि इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड अवधि में उनसे पूछताछ की जाएगी। पूछताछ में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने बताया कि इसके अलावा उनके आपराधिक रिकार्ड और ट्रकों के रिकार्ड निकलवाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि ये लोग लॉजिस्टिक सप्लाई (लोडिंग-अनलेाडिंग) का कार्य करते हैं।
आपस में जीजा-साले और दोस्त हैं आरोपी
इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों का आपस में जीजा-साले, दोस्त और भाई का रिश्ता है। बताया गया है कि इस मामले का मुख्य साजिशकर्ता रंजीत साहू का जीजा गणेश साहू है। वहीं संतोष धुर्वे के बुआ का बेटा अजय कोकडिया है। वहीं सुदर्शन धुर्वे और मुकेश सैय्याम उसके दोस्त है। इस तरह से इन आरोपियों ने एक साजिश के तहत घटना को अंजाम दिया था।
