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ईओडब्ल्यू ने तत्कालीन सुपरिटेंडेट, फार्मासिस्ट के खिलाफ दर्ज की एफआईआर
भोपाल(ईएमएस)। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू), जबलपुर द्वारा पद का दुरूपयोग एवं भ्रष्टाचार कर शासन को राशि 1.25 करोड़ रूपयें की आर्थिक क्षति पहुचांने के मामले में तत्काकलीन अधीक्षक, चिकित्सा महाविद्यालय जबलपुर सहित अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। मामले में जॉच के आधार पर सविता वर्मा, तत्कालीन संयुक्त संचालक एवं अधीक्षक, चिकित्सा महाविद्यालय जबलपुर, आर.पी.दुबे, फार्मासिस्ट, चिकित्सा महाविद्यालय जबलपुर औा संचालक मेसर्स मेडीनोवा फार्मासुटिकल एण्ड सर्जिकल डिस्ट्रीब्यूटर को आरोपी बनाया गया है।

यह था मामला……….
ईओडब्ल्यू को मिली शिकायत में चिकित्सा महाविद्यालय जबपुर मे साल 2012-13 मे तत्कालीन फार्मासिस्ट द्वारा मेडीनोवा फर्मासुटिकल कपंनी से खरीदी गई सामग्री मे दवा क्रय नीति साल 2009 के प्रावधानों को अनदेखा कर 7.63 करोड़ की दवा एवं सर्जिकल सामग्री खरीदने की शिकायत की गई थी, जिसमें फर्म को 1.25 करोड़ का अतिरिक्त भुगतान किये जाने के आरोप है। ईओडब्ल्यू जांच में सामने आया की चिकित्सा महाविद्यालय जबलपुर के द्वारा वित्तीय वर्ष 2011-12 के लिये संस्था मे दवा एवं सर्जिकल सामग्री खरीदी जाने के संबंध में निविदा जारी की गई थी। निविदा मे प्रथम 5 निविदाकारों द्वारा सामग्री प्रदाय करने पर असहमति जताये जाने से अधिष्ठाता चिकित्सा महाविद्यालय जबलपुर मे पदस्थ वित्त अधिकारी द्वारा एल-01 से लेकर एल-05 तक के निविदाकारों की सिक्योरिटी डिपॉजिट को राजसात करते हुये आगामी निविदा होने तक एल-06 निविदाकार मेसर्स मेडीनोवा से एग्रीमेंट कर नये टेण्डर किये जाने का अभिमत दिया था। इसके आधार पर मेसर्स मेडीनोवा से 18 अक्टूबर 2011 को अनुबंध निष्पादित किया गया और बाकी एल-01 से लेकर एल-05 तक के निविदाकारों की सिक्योरिटी डिपॉजिट राशि राजसात की गई। आरोपी आर.पी.दुबे द्वारा 11 जनवरी 2012 को क्रय शाखा का प्रभार लिया गया। लेकिन वित्त अधिकारी द्वारा दिये गये अभिमत को न मानते हुये साल 2013 तक मेसर्स मेडीनोवा से दवायें तथा सर्जिकल सामग्री की मंहगे दामों पर खरीदी करते रहें, जबकि दवा क्रय किये के लिये नवीन निविदाएं जारी की जानी थी। छानबीन में यह भी सामने आया की तत्कालीन संयुक्त संचालक एवं अधीक्षक, चिकित्सा महाविद्यालय जबलपुर सविता वर्मा, द्वारा मेसर्स मेडीनोवा को लाभ पंहुचाने की नियत से अनुबंध मे अनुबंध की समाप्ति तिथि उल्लेखित नही की गई। जिससे शासन को मेसर्स मेडीनोवा से क्रय की गई दवा एवं सर्जिकल सामग्री मे 1.25 करोड़ का अधिक भुगतान कर दिया।

पड़ताल के बाद कसा शिकंजा
जॉच में साफ हो गया की तत्कालीन संयुक्त संचालक एवं अधीक्षक, चिकित्सा महाविद्यालय जबलपुर सविता वर्मा और आर.पी.दुबे, फार्मासिस्ट द्वारा मेसर्स मेडीनोवा मे साथ मिलकर आपराधिक षडयंत्र रचते हुए दोनो लोकसेवकों द्वारा मेसर्स मेडीनोवा को अवैध रुप से लाभ पंहुचाने के लिये पद का दुरूपयोग कर शासन को 1.25 करोड़ रूपयें की हानि पहुचांई। साक्ष्यो के आधार पर सविता वर्मा,, आर.पी.दुबे , संचालक मेसर्स मेडीनोवा फार्मासुटिकल एण्ड सर्जिकल डिस्ट्रीब्यूटर, 87, नेपियर टाउन, गुडविल काम्प्लेक्स के सामने, जबलपुर के खिलाफ धारा 409, 120बी, भादवि एवं 7(सी) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम संशोधित 2018 के तहत एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्यवाही की जा रही है।

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