
जीआरपी खंडवा ने 12 घंटे में कर दिया फर्जी लूट का खुलासा
भोपाल/खंडवा। 1 करोड़ 82 लाख के सोने की लूट की सनसनीखेज घटना का खंडवा जीआरपी ने 12 घंटो में ही राजफाश कर दिया। डेढ़ किलो सोने के जेवरात की यह लूट पूरी तरह फर्जी निकली। इसकी साजिश किसी और ने नहीं बल्कि मुंबई के एक सराफा कारोबारी ने रचते हुए अपने तीन अन्य साथियो के साथ अंजाम दिया था। मास्टरमांइड कारोबारी ने खुद ही अपने कर्मचारियों से सोना गायब करवाया और फिर पुलिस में फर्जी लूट की रिपोर्ट दर्ज करवाई, ताकि इंश्योरेंस क्लेम लेकर मोटा मुनाफा कमाया जा सके।
खडंवा जीआरपी अफसरो के अनुसार मुंबई के सराफा कारोबारी सागर पारख पिता सरेश पारख (40) निवासी भाविक एरिना अपार्टमेंट थाना पंचवटी नासिक हाल पता झवेरी बाजार मुम्बई ने अपनी दुकान से दो कर्मचारियों संजय कुमार पिता शंकरलाल कुमावत (27) स्थाई निवासी सुमेरपुर, जिला पाली राजस्थान वर्तमान पता झवेरी बाजार मुम्बई और राकेश पिता दिलीप कुमार जैन (53) निवासी शान्ती नगर, नेपियन सी रोड मुम्बई को मध्यप्रदेश भेजा था। यहॉ उन्हें भोपाल और जबलपुर में सोना बेचने का काम दिया गया था। दोनों ने सोना बेच दिया। लेकिन 52 ग्राम सोने की चुड़ियां और 35 ग्राम सोने की अंगूठियाँ सहित डेढ़ किलो सोना बच गया जिसकी कीमत करीब 1 करोड़ 82 लाख थी। इसकी जानकारी उन्होंने सागर पारख को दी। सोना बचने की बात सूनकर सागर ने साजिश रची और दोनों कर्मचारियों को योजना समझाते हुए कहा की बचा हुआ सोना महाराष्ट्र के कल्याण में प्रवीण नाम के व्यक्ति को सौंप दें और फिर मुंबई आकर लूट की एफआईआर दर्ज करवा देना। दोनों कर्मचारियो ने प्लानिंग के अनुसार दोनो कर्मचारियो ने सोना कल्याण स्टेशन पर प्रवीण कुमार पिता तुम्बाराम (35) निवासी ग्राम बोसलिया, जिला सिरोही राजस्थान को सौंप दिया। इसके बाद मुंबई पहुंचे और सीएसटी रेलवे पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया की 30 सितंबर को जबलपुर से लौटते समय खंडवा स्टेशन के पास लुटेरों ने उन पर हमला कर सोना लूट लिया। इतना ही नहीं शातिर आरोपियो ने अपने शरीर पर लूटेरो द्वारा की गई मारपीट के चोट के निशान भी दिखाए। घटनास्थल खंडवा होने के चलते मुंबई जीआरपी ने जीरो पर मामला कायम कर आगे की कार्यवाही के लिये केस डायरी खंडवा जीआरपी को भेज दी। खंडवा जीआरपी ने असल कायमी कर छानबीन शुरु की लेकिन लूट का कोई साक्ष्य या चश्मदीद गवान नहीं मिला। अन्य बिंदुओ की जॉच के बाद पुलिस की राडार पर फरियादी आ गया, संदेह के आधार पर पुलिस ने फरियादी सागर पारख को हिरासत में लेकर पुलिसिया अंदाज में पूछताछ की तब उसने फर्जी लूट का राजफाश कर दिया। पुलिस जांच में सामने आया कि मास्टरमांइड सागर पारख ने इंश्योरेंस कंपनी से क्लेम पाने के लिए लूट की कहानी गढ़ी थी। चूंकि चोरी के मामलों में क्लेम की रकम नहीं मिलती, इसलिए उसने लूट की झूठी कहानी तैयार की। पूछताछ के आधार पर पुलिस ने कल्याण में प्रवीण के ठिकाने पर दबिश देते हुए सारा सोना बरामद कर लिया है।
