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गुना । चर्चित आत्माराम पारदी हत्याकांड के गवाहों को धमकाने के मामले में फरार चल रहे बर्खास्त एसआई रामवीर सिंह कुशवाह उर्फ रामवीर दाऊ को पुलिस ने रविवार देर शाम गिरफ्तार कर सोमवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। लंबे समय से फरार चल रहे इस बर्खास्त अधिकारी की गिरफ्तारी को पुलिस विभाग के लिए बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। जानकारी के अनुसार, रामवीर दाऊ 2015 में धरनावदा थाना प्रभारी के पद पर पदस्थ था। इसी दौरान पार्वती नदी किनारे आत्माराम पारदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया था। इस घटना के बाद परिजनों ने पुलिस पर हत्या कर शव गायब करने का गंभीर आरोप लगाया था। यह मामला वर्षों तक ठंडे बस्ते में रहा, लेकिन 2019 में ग्वालियर हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीआईडी ने जांच अपने हाथ में ली थी। जांच के दौरान कई गंभीर तथ्य सामने आए और वर्ष 2023 में सीआईडी ने माना कि आत्माराम पारदी की हत्या हुई थी। इसके बाद स्ढ्ढ रामवीर कुशवाह पर हत्या, सबूत मिटाने और षड्यंत्र रचने के आरोप सिद्ध पाए जाने पर उसे बर्खास्त कर दिया गया था।
हाल ही में हाईकोर्ट ने मुख्य हत्याकांड में लंबी जांच और चार्जशीट में देरी को लेकर सीआईडी को फटकार लगाई थी तथा इसी आधार पर रामवीर कुशवाह को अग्रिम जमानत दी थी। हालांकि, गवाहों को धमकाने के एक अन्य मामले में वह फरार था और इसी प्रकरण में पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, रामवीर दाऊ पिछले कुछ दिनों से जिले में छिपकर अपने समर्थकों से मुलाकात कर रहा था और सोशल मीडिया पर वीडियो भी पोस्ट कर रहा था, जिससे पुलिस को उसकी गतिविधियों का सुराग मिला। एसपी अंकित सोनी के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने रविवार शाम उसे दबोच लिया। सोमवार को पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से कोर्ट ने उसे तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। पुलिस अब रिमांड अवधि के दौरान उससे पूछताछ कर रही है ताकि फरारी के दौरान उसकी गतिविधियों और गवाहों को धमकाने के पीछे की पूरी साजिश का खुलासा किया जा सके।

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