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तीन आरोपी गिरफ्तार, मोबाइल व क्षतिग्रस्त सिम को किया जब्त
देवी दर्शन के बहाने दिया 2 अक्टूबर की रात्रि में घटना को दिया था अंजाम

बालाघाट परसवाड़ा थाना पुलिस ने अंधे हत्याकांड का खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में कुमनगांव निवासी सुखिया उर्फ सविता पति नंदकिशोर यादव उम्र 23 वर्ष, सविता की सहेली भूरी उर्फ उर्मिला पिता अशोक मेरावी 18 वर्ष और बीजाटोला निवासी रविशंकर पिता नूरेलाल सोनवाने 26 वर्ष शामिल है। तीनों ही आरोपियों के पास से मोबाइल, मृतिका के मोबाइल के टूकड़े, क्षतिग्रस्त सिम, महिला आरोपी के कपड़े, बाइक को जब्त किया है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बैहर आदर्शकांत शुक्ला ने बताया कि 3 अक्टूबर को ग्राम कुमनगांव में परसाड़ी मुरुम गड्ढा के पास एक महिला का शव संदिग्ध अवस्था में होने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने आवश्यक कार्यवाही की। मृतिका की पहचान लेखवती यादव उम्र 30 वर्ष निवासी कुमनगांव के रुप में हुई। घटना स्थल संदिग्ध पाए जाने पर एफएसएल यूनिट और डॉग स्क्वॉड टीम द्वारा जांच कराकर साक्ष्य एकत्रित किए गए।अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया गया। इस मामले में परसवाड़ा एसडीओपी अरविंद कुमार शाह के नेतृत्व में थाना परसवाड़ा, लामता और चांगोटोला की टीम का गठन किया गया। टीम ने सघन विवेचना कर आरोपियों तक पहुंची। मृतिका के अंतिम समय में उपस्थिति व परिस्थितियों का अध्ययन किया गया। उससे संबंधित सभी संभावित व्यक्तियों का मूल्यांकन किया गया। 100 से अधिक मोबाइल नंबरों का तकनीकी विशलेषण किया गया। गांव में गोपनीय स्रोतों से प्राप्त जानकारी का अध्ययन कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
गला घोंटकर की थी हत्या
परसवाड़ा एसडीओपी अरविंद कुमार शाह ने बताया कि संदेह के आधार पर रिश्ते में देवरानी लगने वाली सविता यादव को पुलिस अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में सविता ने बताया कि लेखवती का उसके पति नंदकिशोर के साथ अवैध संबंध थे। सविता ने अपनी सहेली उर्मिला के साथ मिलकर सबक सिखाने की योजना बनाई। 2 अक्टूबर की शाम करीब 7 बजे लेखबती को मंदिर जाने के बहाने मुरुम गड्ढा के पास बुलाया। दोनों ने लेखवती के साड़ी के पल्लू से गला घोंटकर हत्या कर दी। शव को झाडिय़ों में पेड़ के नीचे फेंक दिया।
सबूत मिटाने का किया प्रयास
घटना के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने का भी प्रयास किया। मृतिका के मोबाइल और सिम को अलग-अलग कर दिया। उर्मिला ने अपने परिचित के रविशंकर सोनवाने की सहायता से मोबाइल को पत्थर से तोडकऱ कुरेंडा रोड तरफ पुल के पास फेंक दिया। सविता यादव ने सिम को दांत से चबाकर उसे नष्ट कर आंगनबाड़ी केंद्र के पास झाडिय़ों में फेंक दिया।
पुलिस को किया गुमराह
एसडीओपी अरविंद कुमार शाह ने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ के दौरान पुलिस को काफी गुमराह किया। मोबाइल और सिम को फेंकने के लिए अलग-अलग कहानियां बताई। सख्ती बरतने पर उन्होंने मोबाइल को नाले में फेंकने की बात स्वीकार की। जहां पानी का बहाव तेज होने के कारण साक्ष्य को संकलित करने में काफी परेशानी हुई। एसडीआरएफ व थाने की टीम ने मेटल डिटेक्टर की सहायता से मोबाइल को खोजने में सफलता अर्जित की।

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