
हवाले की रकम पकड़ने के बाद बंदरबांट के आरोप में आईजी की बड़ी कार्यवाही
जबलपुर। नेशनल हाईवे-44 पर हवाला के करोड़ों रुपए पकड़े जाने के बाद उनमें कथित रूप से बंदरबांट करने वाले पुलिसकर्मियों पर गाज गिर गई है। पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) जबलपुर जोन प्रमोद वर्मा ने पूरे मामले को गंभीर अनुशासनहीनता और संदिग्ध आचरण मानते हुए तत्काल प्रभाव से 9 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। साथ ही बंडोल थाना प्रभारी अर्पित भैरव को भी लाइन अटैच किया गया है वहीं एसडीओपी सिवनी पूजा पांडे को भी निलंबित मुख्यालय अटैच कर दिया गया है।
डीजीपी द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि पुलिस महानिरीक्षक जबलपुर जोन से प्राप्त प्रतिवेदन के अनुसार 8 अक्टूबर की रात एनएच-44 शीलादेही बायपास, सिवनी में चेकिंग के दौरान पकड़ी गई बड़ी राशि के मामले में प्रथम दृष्टया गंभीर कदाचरण पाया गया है। इस पर मप्र सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 (1) (क) के तहत एसडीओपी सिवनी पूजा पांडे (डीडी-18) को 10 अक्टूबर 2025 से तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
निलंबन अवधि में श्रीमती पांडे का मुख्यालय पुलिस मुख्यालय भोपाल रहेगा, जहां उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वहन भत्ता मिलेगा।
आईपीएस आयुष गुप्ता कर रहे जांच
आईजी के निर्देश पर एएसपी आईपीएस आयुष गुप्ता को मामले की संपूर्ण जांच का जिम्मा सौंपा गया है। उन्होंने संबंधित सभी पुलिसकर्मियों से पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच के बाद आरोपित पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों का आचरण संदिग्ध प्रतीत होने पर आईजी ने थाना प्रभारी अर्पित भैरम, प्रधान आरक्षक माखन, प्रधान आरक्षक रविंद्र उईके, आरक्षक जगदीश यादव, आरक्षक योगेंद्र चौरसिया, आरक्षक नीरज राजपूत, आरक्षक केदार, आरक्षक सदाफल और चालक रितेश को निलंबित किया है। वहीं आईजी के प्रतिवेदन पर डीजीपी ने एसडीओपी को भी निलंबित कर दिया है.
क्या है पूरा मामला
बताया जा रहा है की 8 अक्टूबर की रात का है, जब एनएच-44 पर कटनी से नागपुर की ओर जा रही एक क्रेटा कार को पुलिस ने चेकिंग के दौरान रोका था। कार से करीब 2 करोड़ 92 लाख 50 हजार रुपए नकद मिले थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह राशि हवाला कारोबार से जुड़ी बताई जा रही है।
आरोप हैं की पुलिस ने इतनी बड़ी रकम मिलने के बावजूद कोई एफआईआर दर्ज नहीं की। जब इस घटना की जानकारी उच्चाधिकारियों तक पहुंची, तो पूरे पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया।
आंतरिक बंदरबांट की चर्चा ने बढ़ाई फजीहत ….
आरोप लग रहे हैं कि पकड़ी गई रकम का कुछ हिस्सा पुलिसकर्मियों के बीच आपसी “बंदरबांट” के रूप में आपस में बांट लिया। पहले तो थाना प्रभारी और सीएसपी ने इस तरह की कार्रवाई से साफ इनकार किया, लेकिन जब आईजी और एसपी स्तर पर सक्रियता बढ़ी, तो पूरे मामले की परतें खुलने लगीं। जांच में आचरण संदिग्ध पाए जाने पर 9 पुलिसकर्मी निलंबित कर दिए गए।
पुलिस महकमे में मचा हड़कंप …….
घटना के उजागर होते ही सिवनी जिले से लेकर जबलपुर पुलिस महकमे तक हड़कंप मच गया है। उच्चाधिकारी पूरे प्रकरण पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं। माना जा रहा है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद और भी नाम सामने आ सकते हैं तथा विभागीय कार्रवाई आगे बढ़ेगी।
इन पुलिसकर्मियों पर एक्शन
- अर्पित भैरम, उप निरीक्षक और थाना प्रभारी बंडोल, सिवनी
- माखन, प्रधान आरक्षक 203, एसडीओपी कार्यालय, सिवनी
- रविन्द्र उईके, प्रधान आरक्षक 447, रीडर-एसडीओपी कार्यालय, सिवनी
- जगदीश यादव, आरक्षक 803, एसडीओपी कार्यालय सिवनी
- योगेन्द्र चौरसिया, आरक्षक 306, एसडीओपी कार्यालय सिवनी
- रितेश, आरक्षक 582 ड्राइवर, एसडीओपी कार्यालय सिवनी
- नीरज राजपूत, आरक्षक 750 थाना बण्डोल, सिवनी
- केदार, आरक्षक 610 गनमैन-एसडीओपी सिवनी
- सदाफल, आरक्षक 85, गनमैन-एसडीओपी सिवनी
- **
- एसपी बोले– कार से डेढ़ करोड़ रुपए जब्त किए सिवनी एसपी सुनील कुमार मेहता ने बताया कि कार में एक करोड़ 45 लाख रुपए मिले थे। पुलिसकर्मियों ने जब्ती बनाने में विलंब किया। मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं दी। इसके बाद यह कार्रवाई की गई है। फिलहाल यह साफ नहीं है कि गाड़ी में तीन करोड़ रुपए थे, मामले की जांच की जा रही है। आईजी ने तीन दिन में रिपोर्ट मांगी है।
