
एक प्रकरण के सुपुर्दनामे के दौरान हुआ खुलासा, भौतिक सत्यापन में 55 लाख व जेवरात मिले कम
मालखाना प्रभारी से पुलिस ने वसूले करीब 40 लाख रुपए
बालाघाट । कोतवाली बालाघाट के मालखाना से नगदी और जेवरात गायब हो गए हैं। एक प्रकरण के सुपुर्दनामे के दौरान इस घोटाले का खुलासा हुआ। थाना प्रभारी ने मालखाने का भौतिक सत्यापन कराया, जिसमें 55 लाख रुपए और सोने-चांदी के जेवरात कम मिले। इस मामले में मालखाना प्रभारी प्रभारी प्रधान आरक्षक राजीव पंद्रे के खिलाफ अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने मालखाना प्रभारी से करीब 40 लाख रुपए की वसूली कर ली है।

जानकारी के अनुसार कोतवाली के मालखाना में विभिन्न अपराधों से संबंधित जब्त मशुरका में अनियमितता पाई गई। चोरी गए एक प्रकरण में पुलिस द्वारा नगदी और जेवरात बरामद किए गए थे, जिसमें प्रार्थी द्वारा न्यायालयीन प्रक्रिया पूरी कर कोतवाली पुलिस से नगदी और जेवरात की मांग की। जिसके बाद थाना प्रभारी ने मालखाना प्रभारी से नगदी और जेवरात लाने की बात कही। इस सुपुर्दनामे की कार्यवाही में मालखाना प्रभारी का आचरण संदिग्ध पाया गया। जिसके बाद थाना प्रभारी ने मालखाने का भौतिक सत्यापन कराया। जिसमें 55 लाख रुपए और सोने-चांदी के जेवरात कम पाए गए। थाना प्रभारी द्वारा इस मामले की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। प्रकरण की विधिवत जांच के बाद प्रधान आरक्षक राजीव पंद्रे के खिलाफ थाना कोतवाली में धारा 316 (5) भारतीय न्याय संहिता, धारा 13 (1)(ए) / 13 (2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध दर्ज किया गया। इस मामले में प्रधान आरक्षक राजीव पंद्रे को गिरफ्तार भी कर लिया गया। विवेचना के दौरान मालखाना प्रभारी से करीब 40 लाख रुपए की राशि वसूल कर ली गई है। शेष राशि की वसूली और जेवरातों की बरामदगी की कार्यवाही जारी है।
ज्वेलर्स की दुकान में जांच करने पहुंची पुलिस
इसी मामले में मंगलवार की देर शाम कोतवाली पुलिस नगर के नावेल्टी हाउस रोड पर स्थित राजवंश ज्वेलर्स की दुकान पर जांच करने के लिए पहुंची थी। डीएसपी और कोतवाली थाना प्रभारी सहित अन्य पुलिस अधिकारी इस मामले की जांच के लिए दुकान पहुंचे थे। बताया गया है कि मालखाना प्रभारी द्वारा कुछ जेवरातों को इस दुकान में गिरवी रखा था। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि जेवरात इस दुकान में गिरवी रखे गए थे या बेचे गए थे। समाचार लिखे जाने तक पुलिस मामले की जांच कर रही थी, जिसके कारण माल की बरामदगी या गिरवी रखने या बेचने के बारे में अधिकारिक रुप से कोई पुष्टि नहीं हो पाई थी।
अधूरी प्रेसनोट जारी कर पुलिस ने झाड़ा अपना पलड़ा
इस पूरे मामले में पुलिस ने एक प्रेस नोट जारी किया है। इस प्रेस नोट में काफी कुछ जानकारियां अधूरी है। अधूरी पे्रस नोट जारी कर पुलिस ने अपना पलड़ा झाड़ लिया है। इधर, अधूरे प्रेस नोट के जारी करने पर भी पुलिस की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है। दरअसल, प्रेस नोट में इस बात का उल्लेख नहीं किया गया है कि मालखाना प्रभारी ने कब से नगदी और जेवरातों की चोरी की है, उसे कब गिरफ्तार किया गया, मालखाना से गायब हुए नगद राशि को संबंधित के पास से कहां से जब्त किया गया, इस मामले में और कौन-कौन जिम्मेदार हैं सहित ऐसे अनेक जानकारियां हैं, जो अधूरी है।
पूर्व सांसद मुंजारे ने पुलिस कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
इस मामले में पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि कोतवाली बालाघाट के मालखाने से 84 लाख रुपए से अधिक रुपए गायब हो गए। इस घोटाले से पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। प्रकरण में लिप्त और जिम्मेदारों को तत्काल निलंबित कर मामले की सीबीआई, ईडी से जांच कराई जाए। जिससे और भी भ्रष्टाचार का खुलासा हो सकता है। उन्होंने कहा कि कोतवाली के मालखाने से इतनी बड़ी राशि के गायब होने के मामले में अन्य पुलिस अधिकारी भी जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ भी कार्यवाही होना चाहिए।
