11 पुलिसकर्मियों पर डकैती सहित विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज


10आरोपी गिरफ्तार; मुख्यमंत्री बोले- कानून का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा
सिवनी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिवनी लूट मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के निर्देश पर, सिवनी एसडीओपी पूजा पांडे सहित कुल 11 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की गई है। इनमें 11 में से 10 आरोपियों को हिरासत में लिया गया है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में एसडीओपी पूजा पांडे, एसआई अर्पित भैरम, तथा कॉन्सटेबल योगेंद्र, नीरज और जगदीश शामिल हैं। अन्य आरोपियों में प्रधान आरक्षक माखन, राजेश जंघेला, रविंद्र उईके, आरक्षक रितेश वर्मा, और एसएएफ आरक्षक केदार तथा सुभाष सदाफल भी शामिल हैं।
इन सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 310 (2) (डकैती) सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस का मुख्य दायित्व है। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रदेश में कानून सबके लिए बराबर है। कानून का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कोई भी हो। उन्होंने कहा कि कर्तव्यों से हटकर कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को राज्य सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी।

सिवनी के बंडोल एसडीओपी और थाना प्रभारी पर हवाला के डेढ़ करोड़ रुपए दबाने का आरोप लगा है। आरोप है कि अफसरों ने नागपुर के शख्स से करीब 3 करोड़ रुपए जब्त किए थे। रिपोर्ट में जब्ती सिर्फ एक करोड़ 45 लाख रुपए दिखाए। यही नहीं, आरोपी को भी बिना कार्रवाई छोड़ दिया। इसकी जानकारी वरिष्ठ अफसरों को भी नहीं दी। मामला सामने आने के बाद गुरुवार रात आईजी प्रमोद वर्मा ने थाना प्रभारी अर्पित भैरम समेत 9 पुलिसकर्मियाें को सस्पेंड कर दिया। मामले में शुक्रवार को डीजीपी कैलाश मकवाना ने एसडीओपी पूजा पांडे को भी निलंबित कर दिया था। जबलपुर एएसपी आयुष गुप्ता को मामले की जांच सौंपी है।
रात में जब्त किए रुपए, वरिष्ठ अफसरों को नहीं बताया
नागपुर के शख्स सोहन परमार ने इस संबंध में शिकायत की है। शिकायत में बताया कि बुधवार रात कटनी से एक सर्राफा व्यापारी के दो करोड़ 96 हजार 500 रुपए लेकर कार से महाराष्ट्र के जालना जा रहा था। रात में एसडीओपी पूजा पांडे, बंडोल थाना प्रभारी अर्पित भैरम ने लखनवाड़ा थाना क्षेत्र के शीलादेवी गांव के पास जांच के नाम पर गाड़ी रोक ली। रुपयों से भरा बैग जब्त कर लिया। थाने पर भी बिठाकर रखा। गुरुवार सुबह बिना कार्रवाई के छोड़ दिया। नागपुर में मालिक को बताया, तो वह भी आ गए। इसके बाद एक करोड़ 45 लाख रुपए की जब्ती दिखाई। आरोप है कि करीब डेढ़ करोड़ रुपए अफसरों ने बंदरबांट कर लिए।
एसपी को भी एसडीओपी ने ठीक से जानकारी नहीं दी
इस बारे में सुबह तक पुलिसकर्मियों ने एसपी समेत अन्य वरिष्ठ अफसरों को जानकारी नहीं दी। यही नहीं, शाम तक कोई कार्रवाई नहीं की। शाम को मीडिया को इस बारे में पता चला। पूछने पर एसडीओपी ने पहले तो जानकारी नहीं दी। बाद में जांच चलने की बात कह दी। इसकी जानकारी एएसपी दीपक मिश्रा को लगी। वह शाम को एसडीओपी ऑफिस आए और जांच शुरू की। उन्होंने एसपी सुनील कुमार मेहता और आईजी प्रमोद वर्मा को भी बताया। इसके बाद एसपी ने भी एसडीओपी को कॉल कर जानकारी मांगी, तो उन्हें भी ठीक से जानकारी नहीं दी। इसके बाद आईजी ने 9 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने के आदेश दिए। शुक्रवार को जंगल में जिस जगह गाड़ी पकड़ी थी, वहां भी पुलिस टीम जांच करने गई है। आशंका है कि कुछ पैसा वहां छूट गया है।
इन पुलिसकर्मियों पर एक्शन
- अर्पित भैरम, उप निरीक्षक और थाना प्रभारी बंडोल, सिवनी
- माखन, प्रधान आरक्षक 203, एसडीओपी कार्यालय, सिवनी
- रविन्द्र उईके, प्रधान आरक्षक 447, रीडर-एसडीओपी कार्यालय, सिवनी
- जगदीश यादव, आरक्षक 803, एसडीओपी कार्यालय सिवनी
- योगेन्द्र चौरसिया, आरक्षक 306, एसडीओपी कार्यालय सिवनी
- रितेश, आरक्षक 582 ड्राइवर, एसडीओपी कार्यालय सिवनी
- नीरज राजपूत, आरक्षक 750 थाना बण्डोल, सिवनी
- केदार, आरक्षक 610 गनमैन-एसडीओपी सिवनी
- सदाफल, आरक्षक 85, गनमैन-एसडीओपी सिवनी
जबलपुर क्राइम ब्रांच की टीम रकम की बरामदगी की जांच कर रही है। हवाला की रकम किसकी थी और कहां से लाई गई थी, इसकी विस्तृत जांच की जा रही है। एसआईटी में जबलपुर क्राइम ब्रांच एएसपी जितेन्द्र सिंह के अलावा तीन कर्मचारियों और लखनवाड़ा थाना प्रभारी चंद्रकिशोर सिरामे को शामिल किया गया है।सिवनी जिले में 3 करोड़ रुपए के हवाला कांड मामले में अब तक 11 में से 10 आरोपी पुलिसकर्मियों को हिरासत में ले लिया गया है। इन पर डकैती, अपहरण और आपराधिक षडयंत्र जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज है। एसआईटी इस मामले की जांच कर रही है।
हिरासत में लिए गए 10 आरोपी पुलिसकर्मि – डीआईजी राकेश कुमार सिंह

डीआईजी राकेश कुमार सिंह ने बताया कि जबलपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक प्रमोद कुमार वर्मा ने जबलपुर नगर एएसपी आयुष गुप्ता को निलंबित पुलिसकर्मियों के संदिग्ध आचरण के संबंध में शुरुआती जांच रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए थे। इस दौरान मामले में शामिल सभी पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज किए गए हैं।
छिंदवाड़ा रेंज के डीआईजी राकेश कुमार सिंह ने बताया कि हिरासत में लिए गए 10 आरोपी पुलिसकर्मियों में सस्पेंड एसडीओपी पूजा पांडे, एसआई अर्पित भैरम, प्रधान आरक्षक माखन इनवाती, आरक्षक योगेंद्र चौरसिया, आरक्षक नीरज राजपूत, जगदीश यादव, गनमैन केदार बघेल, एसडीओपी कार्यालय का चालक आरक्षक रितेश वर्मा, रीडर प्रधान आरक्षक रविंद्र उइके और सुभाष सदाफल शामिल हैं। प्रधान आरक्षक राजेश जंघेला की तलाश जारी है।
