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चंडीगढ़। पंजाब पुलिस में डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर ने भ्रष्टाचार की ऐसी भूल भुलैया तैयार की थी जिसमें जांच एजेंसियां भी सालों साल रिश्वत की सुरंग नहीं ढूंढ पाई । भुल्लर के फार्महाउस से अकूत दौलत की बरामदगी और उनकी गिरफ्तारी के बाद पूरा डिपार्टमेंट सवालों के घेरे में है। 2009 बैच के आईपीएस अधिकारी ने आखिर इतनी दौलत कैसे जमा की? इसका एक ही जवाब है जबरदस्त भ्रष्टाचार। आईपीएस भुल्लर की कोठी से कम से कम 50 संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं जो कि उनके परिवार या फिर करीबियों के नाम पर हैं। इसके अलावा साढ़े सात करोड़ कैश, ढाई किलो सोना, 26 लग्जरी घड़ियां जिनमें रोलेक्स और राडो शामिल हैं। चार हथियार और 100 जिंदा कारतूस भी उनके ठिकाने से मिली हैं।
आईपीएस भुल्लर पर आरोप है कि उन्होंने एक शख्स की एफआईआर हटवाने के लिए 4 लाख रुपये रिश्वत और हर महीने निश्चित रकम देने की मांग की थी। इसके बाद उन्होंने ही यह रिश्वत बढ़ाकर 8 लाख रुपये कर दी। 16 अक्टूबर को एक ऑडियो टेप के आधार पर भुल्लर और किरशानू को गिरफ्तार किया गया था। शारदा को पांच लाख रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। शारदा ने कबूल किया कि वह भुल्लर के लिए ही यह रिश्वत लेता है। एक कॉल रिकॉर्ड की गई थी जिसमें भुल्लर किरशानू से कह रहे थे कि बाकी की रकम भी लेकर उनके ऑफिस पहुंचा दें। भुल्लर ने वॉट्सऐप कॉल पर किरशानू से कहा, 8 फड़ने ने 8, जिना देंदा नाल नाल फड़ी चल, ओहनू केहदे 8 कर दे पूरा। बाद में शारदा ने शिकायतकर्ता से कहा, एद्दा कहना पता की है, कहंदा है अगस्त दा नहीं आया, सितंबर दा नहीं आया। बाद में वेरिफाई किया गया कि बातचीत के लिए इस्तेमाल किया गया मोबाइल नंबर आईपीएस भुल्लर का ही है। आईपीएस भुल्लर के कई लॉकर की चाबियां और अकाउंट्स की डीटेल भी सीबीआई को मिली है। लुधियाना के पास समराला स्थिति भुल्लर के फार्महाउस से 5.7 लाख रुपये और शराब की 108 बोतलें मिलीं। इसके अलावा भुल्लर की मदद करने वाले और बिचौलिये का काम करने वाले किरशानू शारदा के पास से 21 लाख रुपये और कई संदिग्ध दस्तावेज पाए गए हैं। भुल्लर और किरशानू दोनों को 31 अक्टूबर तक की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

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