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तीनों राइस मिलर्स के खिलाफ एफआइआर दर्ज
धान की कस्टम मिलिंग में जिले के तीन राइस मिलर्स ने की गड़बड़ी, भौतिक सत्यापन में उजागर हुआ मामला
गर्रा, खैरलांजी और लांजी के मिलर्स कर रहे थे गड़बड़ी


बालाघाट । धान की कस्टम मिलिंग में फिर एक बड़ा घोटाला उजागर हुआ है। मिलों के भौतिक सत्यापन में जिले के तीन राइस मिलों में 5 करोड़ 47 लाख 58 हजार 331 रुपए मूल्य की 23 हजार 808 क्विंटल धान कम पाई गई। तीनों ही राइस मिलर्स द्वारा सरकारी धान की अफरा-तफरी की गई है। कलेक्टर मृणाल मीना के निर्देश पर मिलों के भौतिक सत्यापन में यह मामला उजागर हुआ है। इस मामले में गर्रा, खैरलांजी और लांजी के राइस मिलर्स के खिलाफ संबंधित थानों में एफआइआर दर्ज कराई गई है। तीनों ही मिलर्स द्वारा कस्टम मिलिंग के एवज में शासन को चावल जमा नहीं करा रहे थे।
जानकारी के अनुसार कलेक्टर के निर्देश पर धान की कस्टम मिलिंग के लिए अनुबंधित राइस मिलर्स के स्टॉक का सत्यापन किया गया। 3 राइस मिलों में धान का स्टॉक नहीं पाए जाने पर उनके संचालकों के विरूद्ध भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के अंतर्गत संबंधित थाने में एफआइआर दर्ज करायी गई है। यह जांच कलेक्टर मृणाल मीना के आदेश पर अपर कलेक्टर जीएस धुर्वे के निर्देशन में जिले में विभिन्न राइस मिलों के धान, चावल के स्टॉक के भौतिक सत्यापन की जांच की गई है। यह जांच खाद्य विभाग, राजस्व विभाग के तहसीलदार, नायब तहसीलदार और कृषि उपज मंडी के मंडी निरीक्षक, उप निरीक्षक के द्वारा कराई गई है।
इन मिलों में कम मिली धान
मिलों में धान के भौतिक सत्यापन के दौरान तहसील खैरलांजी में स्थित श्री मातारानी राइस मिल की जांच में लगभग 1 करोड़ 49 लाख 22 हजार 331 रुपए के 6488 क्विंटल धान का स्टॉक नहीं मिला। इसी प्रकार तहसील लांजी स्थित मां पूर्णा राइस मिल की जांच में 1 करोड़ 29 लाख 46 हजार 700 रुपए के 5629 क्विवंटल धान का स्टॉक नहीं होना पाया गया। तहसील लालबर्रा स्थित मां कमला देवी राइस मिल गर्रा की जांच में 2 करोड़ 68 लाख 89 हजार 300 रुपए के 11691 क्विंटल धान मिल से गायब मिली।
मिलर्स ने जमा नहीं कराया चावल
खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान की कस्टम मिलिंग के लिए अनुबंधित राइस मिलर्स को धान की मिलिंग कर शासन के निर्धारित अनुपात में चावल शासन को उपलब्ध कराना था। लेकिन इन मिलर्स द्वारा चावल उपलब्ध नहीं कराया जा रहा था। जिसके कारण इन मिलर्स के स्टॉक का सत्यापन कराया गया था। इन 3 राइस मिलों के भौतिक सत्यापन में 5 करोड़ 47 लाख 58 हजार 331 रुपए मूल्य का 23 हजार 808 क्विंटल धान नही पाया गया है।
इन मिलर्स के खिलाफ दर्ज हुआ अपराध
जिला आपूर्ति अधिकारी आरके ठाकुर ने बताया कि राइस मिलर्स के भौतिक सत्यापन में पाया गया कि इन तीन मिलर्स द्वारा शासकीय धान की अफरा तफरी कर शासन को क्षति पहुंचाने का कार्य किया गया है। जिस पर श्री मातारानी राइस मिल खैरलांजी के प्रोपराइटर विवेक मिश्रा निवासी खैरलांजी के विरूध्द कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी खैरलांजी अश्विनी देशमुख द्वारा 19 अक्टूबर को थाना खैरलांजी में एफआइआर दर्ज कराई गई है। इसी प्रकार 23 अक्टूबर को मां पूर्णा राइस मिल चिचोली (लांजी) के प्रोपराइटर विवेक मस्करे निवासी तहसील लांजी विरुद्ध कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी लंाजी गेंदलाल सनोडिया द्वारा थाना बहेला तहसील लांजी में और मां कमला देवी राइस मिल गर्रा के प्रोपराइटर सुधीर तिवारी व प्रतिनिधि विशाल गंगवानी निवासी बालाघाट के विरूद्ध कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी सुनिल किरार द्वारा पुलिस थाना कोतवाली बालाघाट में भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

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