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भोपाल का मूलनिवासी बताया और यहीं की होटल में ठहरने पर आये थे पुलिस की राडार पर

फिजिकल टेस्ट पास करने के बाद लिखित परीक्षा के लिये आये थे राजधानी
भोपाल। एमपी से आर्मी में भर्ती के लिये खुद को भोपाल का बताने वाले यूपी के सात युवको सहित 9 आरोपियो को सुनवाई पूरी होने के बाद जिला अदालत ने 7-7 साल की जेल की सजा से दण्डित किये जाने का फैसला सुनाया है। यह फैसला अपर सत्र न्यायधीश जयंत शर्मा की कोर्ट ने सुनाया है। प्रकरण में शासन की और से अपर लोक अभियोजकअनिल शुक्ला ने पैरवी की। आरोपियों ने खुद को एमपी का रहवासी बताने के लिये भोपाल के फर्जी मूलनिवासी तैयार करवाये और उनके आधार पर 7 नवंबर 2016 को फिजिकल टेस्ट दिया और पास हो गए। इसके बाद 27 नवंबर 2016 को भोपाल में लिखित परीक्षा के लिये वह राजधानी आये और तलैया इलाके में स्थित सम्राट होटल के रूम-101 औररूम-102 में ठहरे। यहॉ 23 नवंबर 2016 को रुटीन चैंकिग पर पहुंची पुलिस ने जब रजिस्टर देखा तो दस्तावेज में उन सभी के पते भोपाल के थे, पुलिस को शक हुआ की भोपाल में रहने के बाद वह सब होटल में क्यो ठहरे है। शक के आधार पर पुलिस ने होटल स्टाफ के साथ दोनों कमरों में जाकर उनसे पूछताछ की उन्होंने भोपाल का आईडी दिखाया लेकिन उनकी भाषा भोपाल की न होने पर पुलिस क संदेह गहरा गया इसके बाद उन्हें उनको हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो सारा फर्जीवाड़ा सामने आ गया। जॉच में सामने आया की आरोपी युवक यूपी के रहने वाले है, और आरोपी किरन ने उनके आधार कार्ड उत्तरप्रदेश के बुलंदशहर से बनवाए थे। आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज के आधार पर खुद को भोपाल का निवासी बताया और इनके आधार पर मध्य प्रदेश में आर्मी में भर्ती के लिए फिजिकल टेस्ट देते हुए उसे पास कर लिया था। पुलिस ने इस मामले में चमन सिंह, वीरेंद्र कुमार, मोहित कुमार, तुषार सिरोही, सचिन देहरान, अभय शर्मा, राहुल शर्मा, किरन पाल और धरमवीर सिंह कोआरोपी बनाया था। इन सभी आरोपियो को 7-7 साल की सजा से दण्डित किया गया है।

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