
बालाघाट। तीन राज्यों की 14 लाख रुपए की इनामी एमएमसी जोन की हार्डकोर महिला नक्सली ने लांजी थाना के चौरिया कैंप में आत्मसमर्पण किया है। आत्मसमर्पित महिला नक्सली सुनीता पिता बिसरु ओयाम छत्तीसगढ़ राज्य के बीजापुर जिले के गोमवेटा गांव की निवासी है। यह मध्यप्रदेश आत्मसमर्पण, पुनर्वास सह राहत नीति 2023 के अंतर्गत पहला आत्मसमर्पण है। वर्ष 1992 के बाद से पहली बार अन्य राज्य के किसी सशस्त्र नक्सली ने मध्यप्रदेश शासन के सामने आत्मसमर्पण किया है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार महिला नक्सली सुनीता मलाजखंड दर्रेकसा दलम में एसीएम है। जो इंसास रायफल के साथ मध्यप्रदेश, गोंदिया और राजनांदगांव डिवीजन में सक्रिय थी। वह वर्ष 2022 से माओवादी संगठन में जुड़ी थी। छत्तीसगढ़ राज्य के माड क्षेत्र में 6 माह का प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उसने सीसी मेंबर रामदेर के गार्ड के रुप में कार्य किया।
उल्लेखनीय है कि बालाघाट पुलिस ने नक्सलियों को आत्मसमर्पित करने के लिए पुनर्वास से पुनर्जीवन अभियान प्रारंभ किया है। जिसके तहत पुलिस नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बैनर, पोस्टर लगाकर नक्सलियों को आत्मसमर्पित करने के लिए प्रेरित कर रही है।
10 माह में 1.46 करोड़ रुपए के इनामी नक्सली ढेर
बालाघाट पुलिस ने बीते 10 माह में 1.46 करोड़ रुपए के इनामी नक्सलियों को मुठभेड़ में मार गिराया है। जिसके कारण नक्सलियों का सूचना तंत्र कमजोर हुआ है। वहीं पिछले कुछ समय से सरकार साफ्ट टच एप्रोच के तहत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास के रास्ते भी खोल रही है। लगातार चल रहे पुलिस आउटरीच प्रोगाम के परिणाम स्वरुप महिला नक्सली सुनीता ने भी आत्मसमर्पण के लिए पहला कदम उठाया है।
