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भांजे के फार्म हाउस पर रेड, लाखो की सागौन जप्त ,,,,,शकील और नावेद पठान के खिलाफ एफआईआर दर्ज
भोपाल/बेगमगंज। राजधानी भोपाल में सनसनीखेज एमडी ड्रग्स की तस्करी सहित यौन उत्पीड़न, रेप, मारपीट, किडनेपिंग सहित अन्य मामलो में आरोपी बनाये गये मछली परिवार के बेगमगंज में रहने वाला रिश्तेदार भी पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। उसे सागौन तस्करी के मामले में आरोपी बनाया गया है। बेगमगंज में रहते उसके मुकरबा मोहल्ला स्थित फार्म हाउस पर बीते दिन वन विभा, पुलिस और राजस्व की टीम ने सयुंक्त रुप से रेड मारते हुए लाखो रुपये कीमत की अवैध सागौन के साथ ही एक मोडिफाई क्वालिस भी जब्त की गई है। इस वाहन को सागौन की लकड़ी की तस्करी में इस्तेमाल किया जाता था। यह कार्यवाही सुबह 10 बजे से शुरु होकर करीब 6 घंटे चली। मामले में शकील और नावेद पठान के खिलाफ वन अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। जानकारी के अनुसार रेंज अधिकारी अरविंद अहिरवार ने गुप्त रुप से मिली सूचना पर बीते कई दिनों से संदिग्ध गतिविधियों पर नज़र रखी। बीते दिन अहिरवार ने 30 वन कर्मचारी, थाना प्रभारी और राजस्व कर्मचारियों की टीम के साथ मिलकर मुखरिया मोहल्ला के पास स्थित फार्महाउस पर संयुक्त रुप से छापामार कार्यवाही की। अधिकारियों के अनुसार इस फार्म् हाऊस का इस्तेमाल सागौन की लकड़ी छिपाने के लिए किया जा रहा था। लकड़ी को खेतों में ज़मीन के नीचे दबाकर, बाड़ में लगी झाड़ियों में काली पन्नियों में छिपाकर रखा गया था, ताकि कोई पकड़ न सके। ज़ब्त की गई लकड़ी की अनुमानित बाज़ार कीमत लगभग 10 लाख रुपये बताई गई है। अधिकारियो का मानना है कि यह लकड़ी आसपास के जंगलों से अवैध रूप से काटकर लाई गई थी। वन विभाग ने उन वाहनों को भी ज़ब्त किया है जिनका इस्तेमाल लकड़ी की ढुलाई में किया गया होने की आशंका है। वन अधिकारियों का कहना है, कि यह ज़ब्ती शारिक मछली गिरोह के खिलाफ चल रहे अभियान में एक बड़ी सफलता और संगठित लकड़ी तस्करी नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अफसरो का कहना है की यह गिरोह लंबे समय से अवैध लकड़ी कटाई, वन्यजीव शिकार और सागौन तस्करी जैसी गतिविधियों में शामिल रहा है। जब्त लकड़ियों को कार्रवाई दल द्वारा ट्रालियों में भर-भर कर भेजा गया। आरोपियो में बेगमगंज निवासी पूर्व मुस्लिम त्योहार कमेटी अध्यक्ष शकील पठान, नावेद पठान पिता स्वर्गीय प्यारे ठेकेदार के नाम शामिल है। अधिकारियो का मानना है कि जप्त की गई सागौन के पेड़ बेगमगंज और आसपास के रेंज में नहीं हैं। अनुमान है की यह लकड़ी विदिशा और सागर की हो सकती है, आगे की जॉच में मामले से जुड़े सभी व्यक्तियों की पहचान करने और अवैध सागौन व्यापार के व्यापक नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।

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