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छात्रों को भी बरगलाया… विस्फोट में किया डेटोनेटर का इस्तेमाल, फरीदाबाद से अरेस्ट डॉ. शाहीन जैश महिला विंग की हेड
एनआईए ने शुरू की धमाके की जांच

दिल्ली। राजधानी दिल्ली में लाल किले के पास हुए धमाके की जांच में नया खुलासा हुआ है। दिल्ली पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह आईईडी बम धमाका था। पुलिस सूत्रों ने बताया कि पुलिस की प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि लाल किले के पास हुए विस्फोट में अमोनियम नाइट्रेट, ईंधन तेल और डेटोनेटर का इस्तेमाल किया है। पुलिस सूत्रों से जानकारी मिली है कि उमर मोहम्मद फरीदाबाद मॉड्यूल का एक और डॉक्टर था। पेशे से डॉक्टर उमर मोहम्मद कथित तौर पर जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी मॉड्यूल से जुड़ा था। वहीं गृह मंत्रालय ने दिल्ली कार ब्लास्ट के 20 घंटे बाद मामले की जांच एनआईए को सौंप दी है। हरियाणा, जम्मू-कश्मीर और उत्तर प्रदेश में सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई में व्हाइट कॉलर आतंकी मॉड्यूल की खतरनाक साजिश का खुलासा हुआ है। यह आतंकी नेटवर्क लोगों को भडक़ाने, समन्वय करने, पैसा हस्तांतरित करने और लॉजिस्टिक्स के लिए कोड भाषा का इस्तेमाल कर रहा था। यह पैसा पेशेवर और शैक्षणिक नेटवर्क के जरिये सामाजिक/धर्मार्थ कामों की आड़ में जुटाया जा रहा था। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बताया कि इस नेटवर्क में कट्टरपंथी पेशेवर और छात्र शामिल हैं, जो पाकिस्तान और दूसरे देशों से काम कर रहे विदेशी हैंडलरों के संपर्क में हैं।
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा निवासी कार मालिक तारिक को गिरफ्तार किया गया है। तारिक ने ही उमर मोहम्मद को धमाके में इस्तेमाल हुंडई आई 20 कार दी थी। आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा रहे अपने साथी डॉक्टरों की गिरफ्तारी के बाद उमर मोहम्मद ने कथित तौर पर इस डर से इस आतंकी हमले को अंजाम दिया कि वह भी पकड़ा जा सकता है। ब्लास्ट में मरने वालों की संख्या बढक़र 12 हो गई है। इनमें 2 महिलाएं भी शामिल हैं। 20 घायलों का इलाज चल रहा है। दो शवों की पहचान हो गई है। बाकी की पहचान डीएनए टेस्ट से होगी। ब्लास्ट में जिस सफेद आई20 कार का इस्तेमाल हुआ, उसका सीसीटीवी फुटेज मंगलवार को सामने आया। मेट्रो स्टेशन की पार्किंग से निकल रही कार में काला मास्क पहने एक शख्स बैठा दिखाई दिया।
पुलवामा से डॉ. उमर का दोस्त डॉ. सज्जाद गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक, कार में बैठे शख्स का नाम डॉ. मोहम्मद उमर नबी था। वह पुलवामा का रहने वाला है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक उमर ने विस्फोटकों के साथ खुद को उड़ा लिया। उसके डीएनए टेस्ट के लिए कश्मीर पुलिस ने पुलवामा में उसकी मां और दो भाई को हिरासत में लिया है। इधर, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पुलवामा से उसके दोस्त डॉ. सज्जाद को हिरासत में लिया है। शुरुआती जांच में पता चला है कि अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल कर धमाका गया। इससे पहले फरीदाबाद से जांच एजेंसियों ने एक आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया और करीब तीन क्विंटल अमोनियम नाइट्रेट बरामद किया था। जांच एजेंसियों को शक है कि दिल्ली विस्फोट के तार भी फरीदाबाद के आतंकी मॉड्यूल से जुड़े हैं।
दिल्ली धमाके के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा: मोदी
भूटान के दो दिवसीय दौरे पर गए प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली में हुई कार विस्फोट की घटना पर दुख व्यक्त किया और साथ ही ये भी कहा कि इस घटना के जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। प्रधानमंत्री ने दिल्ली विस्फोट की घटना को साजिश करार दिया। उन्होंने ये भी कहा कि वे बीती रात जांच एजेंसियों के संपर्क में रहे और धमाके से जुड़ी जानकारी लेते रहे। सोमवार शाम दिल्ली में बम धमाका हुआ और पीएम मोदी तय कार्यक्रम के अनुसार, मंगलवार सुबह भूटान पहुंचे। यहीं उन्होंने दिल्ली विस्फोट की घटना पर बयान दिया।
आतंकी मसूद की बहन ने सौंपी थी कमान
दिल्ली ब्लास्ट की जांच के बीच अब सामने आया है आतंकी नेटवर्क का नया और खतरनाक चेहरा- जैश-ए-मोहम्मद का महिला विंग। सुरक्षा एजेंसियों ने फरीदाबाद से गिरफ्तार डॉ। शाहीन शहीद को लेकर बड़ा खुलासा किया है। शुरुआती जांच में पता चला है कि डॉ। शाहीन को भारत में जैश-ए-मोहम्मद के महिला संगठन जमात-उल-मोमिनीन की कमान सौंपने का जिम्मा दिया गया था। सूत्रों के मुताबिक, शाहीन का काम भारत में महिलाओं की भर्ती, ब्रेनवॉश और ऑपरेशन नेटवर्क तैयार करना था। यह नेटवर्क सोशल मीडिया के जरिए धीरे-धीरे विस्तार पा रहा था और स्थानीय समर्थकों की मदद से जमीनी स्तर पर काम शुरू भी हो चुका था। एजेंसियों का मानना है कि शाहीन लगातार पाकिस्तान स्थित अपने हैंडलर्स से संपर्क में थी। खुफिया सूत्रों का कहना है कि शाहीन को यह मिशन सौंपने वाली कोई और नहीं बल्कि सादिया अजहर थी- जो जैश-ए-मोहम्मद के संस्थापक मसूद अजहर की बहन है और पाकिस्तान में महिला विंग की चीफ मानी जाती है। सादिया का पति यूसुफ अजहर वही आतंकी है, जो कंधार हाईजैक साजिश का मास्टरमाइंड था।अब सुरक्षा एजेंसियां डॉ. शाहीन के डिजिटल नेटवर्क, सोशल मीडिया कनेक्शन और संभावित सहयोगियों को खंगाल रही हैं। यह खुलासा इस बात की ओर इशारा करता है कि जैश अब भारत में महिलाओं को आतंक के नए चेहरों के रूप में इस्तेमाल करने की साजिश रच रहा था।

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