
सामग्री खरीदी में गड़बड़ी पर आयुक्त का एक्शन; नेपानगर की कर्मचारी बाल हत्या के जुर्म में बर्खास्त
भोपाल/इंदौर। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में सख्त कदम उठाते हुए भ्रष्टाचार और गंभीर अपराधों में लिप्त कर्मचारियों पर बड़ी कार्रवाई की है। विभाग के आयुक्त संकेत भोंडवे ने सिवनी नगर पालिका में सामग्री खरीदी में वित्तीय अनियमितता के दोषी पाए गए तत्कालीन सीएमओ और इंजीनियरों की वेतन वृद्धियां (इन्क्रीमेंट) रोकने के आदेश दिए हैं। वहीं, बुरहानपुर जिले की नेपानगर नगर पालिका की एक महिला कर्मचारी को बाल हत्या के मामले में दोषी पाए जाने पर सरकारी सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।
:: सिवनी : जांच समिति ने माना भ्रष्टाचार हुआ ::
नगर पालिका सिवनी में सामग्री क्रय में अनियमितता की शिकायत संतोष कुमार साहू द्वारा की गई थी। विभाग की तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति की रिपोर्ट में प्रभारी सहायक यंत्री संतोष कुमार तिवारी सहित तकनीकी अमले की भूमिका संदिग्ध पाई गई।
दोषियों पर हुई कार्रवाई:
- संतोष कुमार तिवारी (प्रभारी सहा. यंत्री) : 2023, 2024 और 2025 की वार्षिक वेतन वृद्धि निरस्त।
- विकास मेहरा, वंदना मरकाम, बिंदेश्वरी पंद्रे व दीपक उइके (उप-यंत्री) : एक-एक वेतन वृद्धि संचयी प्रभाव से रोकी गई।
- पूजा बुनकर (तत्कालीन सीएमओ) : दो वेतन वृद्धियां संचयी प्रभाव से रोकी गईं।
- तत्कालीन सीएमओ राम कुमार कुर्वेती का निधन होने के कारण उन पर कार्यवाही समाप्त कर दी गई।
:: नेपानगर : जघन्य अपराध पर बर्खास्तगी ::
बुरहानपुर की नेपानगर नगर पालिका में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 ममता बाली चड्ढा के खिलाफ विभाग ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई। ममता को न्यायालय द्वारा बाल हत्या के मामले में दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। आयुक्त भोंडवे ने न्यायिक आदेश के आधार पर तत्काल प्रभाव से उनकी बर्खास्तगी के आदेश जारी किए। विभाग ने स्पष्ट किया कि आर्थिक अनियमितताओं और जघन्य अपराधों में शामिल दोषियों के विरुद्ध इसी तरह कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
