
मोहन सरकार से तीखा सवाल
याद दिलाया कि आई-पैक वही संस्था है जिसने पूर्व में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के लिए काम किया था
जबलपुर। राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हालिया सक्रियता और केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोला है। जबलपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान श्री तन्खा ने कहा कि देश में संवैधानिक मूल्यों के प्रति बेरुखी बढ़ रही है और न्याय व्यवस्था कमजोर होती जा रही है, जो संघीय ढांचे के लिए एक बड़ा खतरा है।
विवेक तन्खा ने पश्चिम बंगाल में चुनावी रणनीति बनाने वाली संस्था आई-पैक पर ईडी की छापेमारी को लेकर केंद्र को घेरा। उन्होंने सवाल उठाया कि चुनाव से ठीक तीन महीने पहले इस तरह की कार्रवाई संदेह पैदा करती है। तन्खा ने याद दिलाया कि आई-पैक वही संस्था है जिसने पूर्व में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के लिए काम किया था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि 2014 में तत्कालीन मनमोहन सरकार ने प्रशांत किशोर की संस्था पर ऐसी कार्रवाई की होती, तो भाजपा का स्टैंड क्या होता, यह समझने वाली बात है। उन्होंने जोर देकर कहा कि निष्पक्ष चुनाव के लिए छापेमारी की यह राजनीति बंद होनी चाहिए।
संघीय ढांचे और न्यायपालिका की भूमिका..
श्री तन्खा ने पश्चिम बंगाल में ईडी और राज्य पुलिस के बीच हुए टकराव का जिक्र करते हुए कहा कि जब तक केंद्र और राज्य एक-दूसरे का सम्मान नहीं करेंगे, देश की संघीय व्यवस्था मजबूत नहीं हो सकती। उन्होंने बताया कि इस मामले में अब सर्वोच्च न्यायालय ने हस्तक्षेप कर कार्रवाई पर रोक लगाई है। तन्खा के अनुसार, केंद्रीय एजेंसियों का अति-उत्साह और राज्यों के साथ टकराव संवैधानिक संकट पैदा कर रहा है, जिसे रोकना अनिवार्य है।
सरकार की विफलता …
मध्यप्रदेश के संदर्भ में तन्खा ने राहुल गांधी के आगामी दौरे की पुष्टि की। उन्होंने भाजपा के उन आरोपों को खारिज किया जिसमें कहा गया था कि राहुल गांधी मौत पर राजनीति कर रहे हैं। तन्खा ने दूषित पानी से हुई 20 मौतों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इतनी बड़ी त्रासदी के बाद भी अब तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं होना सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी विफलता छिपाने के लिए लीपापोती कर रही है और राहुल गांधी इसी विफलता को जनता के सामने लाने आ रहे हैं।
