
इन्दौर। अपर सत्र न्यायाधीश महू सोमप्रभा चौहान की कोर्ट ने हत्या के एक प्रकरण की सुनवाई उपरांत आरोपी कन्हैयालाल, अजय, राकेश व कमलाबाई सभी निवासी ग्राम मलेंडी महू को दोषी करार देते उम्र कैद व 20-20 हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया है। आरोपी कन्हैयालाल व कमला बाई पति पत्नी हैं जबकि शेष दो आरोपी संजय व राकेश उनके भांजे हैं। प्रेम प्रसंग में महिला को फोन कर परेशान करने के मामले में आरोपियों ने 20 जुलाई 2022 को हंसराज नामक युवक को बात करने के बहाने जंगल में बुलाया और लकड़ी व डंडों से पीट पीट कर उसकी हत्या के बाद साक्ष्य छिपाने के लिए लाश को कंडों से जंगल में ही जला फरार हो गए थे। प्रकरण में अभियोजन पैरवी विशेष लोक अभियोजक संध्या उइके ने की। उन्होंने ट्रायल दौरान 24 गवाहों के साक्ष्य करा अपराध सिद्ध किया। प्रकरण कहानी संक्षेप में इस प्रकार है कि बडगौंदा थाना पुलिस को एक बोरखेडी मांगल्या निवासी किसान युवक ने सूचना देते बताया था कि वह रोजाना की तरह सुबह 8-9 बजे अपने मवेशियों को चराने के लिए जंगल छोडने गया था। शाम 4.30 बजे मवेशियों को जंगल से घर ले जा रहा तभी उसे जंगल में घाटी के नाले में किसी व्यक्ति की कंडों से जलती हुई लाश दिखाई दी जिसका एक हाथ उपर उठा हुआ था उसने पहली गांव के लोगों को मोबाईल से बता पुलिस को खबर की। सूचना पर थाना बडगोंदा ने मर्ग कायम कर जांच शुरु करते घटना स्थल से अज्ञात अध जले शव के अवशेष पीएम हेतु भेज अन्य साक्ष्य एकत्रित कर मृतक की पहचान हंसराज के रूप में की। इसके बाद की पड़ताल में पुलिस को जानकारी मिली कि मृतक हंसराज, आरोपी कन्हैयालाल की पत्नी कमलाबाई को फोन कर परेशान करता था। इस पर कन्हैयालाल ने हत्या की योजना बनाई और घटना के दिन हंसराज को बात करने जंगल में बुलाया था।
बात करने जंगल में बुलाया था और लकड़ी और डंडों से पीट पीट कर हत्या की
जंगल में आरोपियों ने हंसराज की लकड़ी और डंडों से पीट पीट कर हत्या की और बाद में मोटर साइकल से गांव जाकर बोरे में कंडों के टुकड़े लाए और साक्ष्य छिपाने के लिए लाश जलाकर भाग गए। लाश का पता चलने के बाद आरोपी अज्ञात थे। पुलिस ने विवेचना के दौरान मृतक के मोबाईल की कॉल डिटेल व लोकेशन निकाली तो पता चला कि मृतक हंसराज की कन्हैयालाल से कई बार बात हुई और घटना दिनांक को दोनों की लोकेशन एक ही स्थान थी। इस संदेह के आधार पर कन्हैयालाल को गिरफ्तार कर सख्ती से पूछताछ की तो उसने अपने साथ कमलाबाई, अज्जू उर्फ अजय व राकेश का घटना में शामिल होना बता घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। जिसके बाद पुलिस ने अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त मोबाईल आदि जब्त कर विवेचना उपरांत प्रकरण चालान कोर्ट में पेश किया जहां सक्षम न्यायालय ने सुनवाई कर निर्णय में उक्त आरोपियों को दंडित किया।
