
सीबीआई कोर्ट का फैसला : कुल 11 लाख 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
जबलपुर। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश रूपेश कुमार गुप्ता की अदालत ने एसबीआइ मैनेजर सहित अन्य को तीन-तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही कुल 11 लाख 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। दरअसल, सीबीआई द्वारा वर्ष 2011 में एफआइआर दर्ज कर विवेचना की गई थी। फरवरी, 2010 से मई, 2010 के अंतराल में भारतीय स्टेट बैंक के मैनेजर केएस राउत, विजय कुमार मालवीय, फील्ड आफिसर के द्वारा आशीष सिंघई, योगेंद्र, मणि सिंघई, प्रियंका, संतोष सिंघई व विष्णु बहादुर सिंह के साथ मिलकर आपराधिक षडयंत्र किया गया व एक करोड़ 22 लाख का गबन किया गया। मामले में विवेचना के बाद सीबीआई द्वारा तत्कालीन बैंक मैनेजर केएस राउत, विजय कुमार मालवीय फील्ड आफिसर तेंदूखेड़ा व अन्य नौ के विरुद्ध सीबीआई द्वारा सीबीआई कोर्ट में चार्जशीट फाइल की गई थी। विवेचना में यह पाया गया था कि दाल मिल संचालक सिंघई परिवार द्वारा वेयरहाउस में बिना दाल रखे प्रबंधक के साथ मिलकर फर्जी रसीद जारी कराई गई। जिसके आधार पर सिंघाई परिवार द्वारा एसबीआई से लोन लिया गया। सिंघाई परिवार द्वारा फर्जी रसीद के आधार पर एसबीआई से जो लोन लिया गया था। उसका भुक्तान नहीं किया गया था। वेयर हाउस के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा वेयर हाउस का निरीक्षण किया गया तब बाहरी लेयर में चने की दाल और अंदर लेयर में भूसी व डस्ट रखी हुई थी। कोर्ट ने सभी आरोपितों को उनकी फर्मों सहित दोषी पाते हुए सभी को विभिन्न धाराओं में तीन-तीन वर्ष के कारावास व कुल 11 लाख 20 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया। लोक अभियोजक संजय कुमार उपाध्याय ने सीबीआई का पक्ष रखा।
