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हाई कोर्ट ने एफआईआर दर्ज न होने पर मांगा जवाब
जबलपुर। हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति हिमांशु जोशी की एकलपीठ ने शेयर ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर 30 लाख की धोखाधड़ी के मामले में एफआइआर दर्ज न किए जाने पर जवाब-तलब कर लिया है। याचिकाकर्ता मऊगंज जिले के ग्राम खजुराहन निवासी प्रमोद कुमार कुशवाहा की ओर से अधिवक्ता मनोज कुशवाहा व कौशलेंद्र सिंह ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि याचिकाकर्ता बीज भंडार का व्यवसाय करता है। फरवरी, 2024 में ग्राम पाडर निवासी आनंद सिंह, पिता महेंद्र सिंह, ग्राम राजगवा निवासी अच्छेलाल पटेल पिता कौशल लाल पटेल व जितेश श्रोती, प्रताप बृजेंद्र बिहारी उनके प्रतिष्ठान पर आए और स्वयं को शेयर मार्केट में निवेश कराने का व्यवसाय करने वाला बताया। आरोपितों ने याचिकाकर्ता को भरोसा दिलाया कि निवेश करने पर अच्छा मुनाफा मिलेगा और दीपावली तक पूरी राशि वापस कर दी जाएगी। उनके झांसे में आकर याचिकाकर्ता ने अलग-अलग समय पर बैंक के माध्यम से लगभग 30 लाख रुपये का भुगतान कर दिया। किन्तु बाद में आरोपितों ने अपने मोबाइल फोन बंद कर दिए और संपर्क से बाहर हो गए। इस संबंध में पता करने पर की याचिकाकर्ता को पता लगा कि ये लोग गिरोह बनाकर कई लोगों से पैसे ऐंठ चुके हैं। इसके बाद याचिकाकर्ता ने पुलिस थाना मऊगंज में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई। आरोप है कि पुलिस और आरोपितों के बीच सांठगांठ के कारण कार्रवाई नहीं हुई। लिहाजा, याचिकाकर्ता ने 23 अक्टूबर, 2025 को पुलिस अधीक्षक , मऊगंज को भी लिखित शिकायत दी, लेकिन वहां भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। अंततः हाई कोर्ट की शरण ली गई। मामले की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पुलिस विभाग को केस डायरी प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया है।

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