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दमोह। न्यायालय प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश श्री संतोष गुप्ता जी ने चैक बाउंस के मामले में आरोपी द्वारा प्रस्तुत अपील विचारण न्यायालय के निर्णय को मानते हुए निरस्त कर दी। अधिवक्ता मनीष चौबे ने बताया कि परिवादी वैभव कुमार जैन पिता विजय कुमार जैन निवासी पलंदी चौराहा दमोह और आरोपी प्रेमलाल विश्वकर्मा पिता बद्री विश्वकर्मा निवासी दमोह पोस्ट महंतपुर दमोह आरोपी से परिवादी के अच्छे व्यवहार थे आरोपी पलंदी चौराहा पर स्टीम ग्रिल दुकान खोले हुए था परिवादी दमोह से कपड़े का व्यवसाय करता है। आरोपी ने व्यवसायिक आवश्यकताओ को बताकार 4,90,000 रूपये बतौर उधार मांगें व्यवहार के चलते परिवादी ने उस पर विश्वास करते हुए रूपये उधार दे दिये आरोपी ने माह अपै्रल 2023 में वापिस करने का वादा किया था। जब परिवादी ने अपनी राशि वापिस मांगी तो अनावेदक ने दिनांक 10.04.2023 को भारतीय स्टेट बैंक शाखा दमोह का चैक दिया परिवादी ने जब चैक प्रस्तुत किया तो पर्याप्त राशि न होने के कारण वह बाउंस हो गया। इसकी सूचना आरोपी को दी फिर भी आरोपी द्वारा पैसा न दिये पर परिवादी ने न्यायालय में परिवाद पत्र पेश किया विचारण न्यायालय में मामले को सिद्व पाते हुए 6 माह का कारावास एवं 5,56,150 रूपये 6 प्रतिशत वार्षिक दर से क्षतिपूर्ति राशि एवं आरोपी का ेपरिवादी को प्रदान करने का आदेश पारित किया है।

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