
दमोह । विश्वविख्यात एवं आस्था के प्रमुख केंद्र श्री देव जागेश्वरनाथ महादेव मंदिर बांदकपुर के सर्वांगीण विकास हेतु लगभग सौ करोड़ रुपये की लागत से भव्य कॉरिडोर निर्माण का कार्य प्रारंभ किया जा चुका है यह परियोजना पूर्ण होने के पश्चात मंदिर की दिव्यता भव्यता एवं आध्यात्मिक गरिमा में अभूतपूर्व वृद्धि होगी तथा देश विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को ओर भी बेहतर से बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी किंतु दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति यह है कि मंदिर क्षेत्र में वर्षों से किए गए अतिक्रमण आज भी यथावत बने हुए हैं जिससे विकास कार्यों में अनेक प्रकार की बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं मंदिर ट्रस्ट के प्रवक्ता आचार्य पंडित रवि शास्त्री जी महाराज ने कहा कि श्री देव जागेश्वरनाथ मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि करोड़ों सनातन श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है प्रदेश शासन एवं जिला प्रशासन द्वारा मंदिर के विकास के लिए ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए कॉरिडोर निर्माण की योजना स्वीकृत की गई है निर्माण कार्य प्रारंभ भी हो चुका है लेकिन अनेक स्थानों परअतिक्रमणकारियों द्वारा सरकारी एवं मंदिर भूमि पर किए गए कब्जे हटाए नहीं जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आश्चर्य की बात यह है कि जहां मंदिर परिसर की खाली भूमि को भरने और समतलीकरण का कार्य किया जा रहा है वहीं दूसरी ओर स्थायी एवं अस्थायी अतिक्रमण जस के तस बने हुए हैं यदि वास्तव में बांदकपुर को एक भव्य धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना है तो सबसे पहले मंदिर क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त करना आवश्यक होगा कॉरिडोर निर्माण से न केवल श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। होटल धर्मशाला परिवहन प्रसाद पूजा सामग्री हस्तशिल्प एवं अन्य व्यवसायों को भी बढ़ावा मिलेगा बांदकपुर क्षेत्र की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी और धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में यह स्थान नई पहचान स्थापित करेगा उन्होंने प्रश्न उठाते हुए कहा कि जब शासन करोड़ों रुपये खर्च कर मंदिर का विकास करना चाहता है तब कुछ लोग निजी स्वार्थों के कारण विकास कार्यों में बाधा क्यों उत्पन्न कर रहे हैं क्या धार्मिक एवं सार्वजनिक हित से ऊपर व्यक्तिगत कब्जों को महत्व दिया जाना उचित है यदि मंदिर के विस्तार एवं श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भूमि की आवश्यकता है तो अतिक्रमणकारियों को स्वेच्छा से आगे आकर सहयोग करना चाहिए।
मंदिर ट्रस्ट के प्रवक्ता ने जिला प्रशासन पुलिस प्रशासन एवं संबंधित विभागों से मांग की है कि मंदिर क्षेत्र में किए गए सभी अतिक्रमणों का निष्पक्ष सर्वेक्षण कराया जाए तथा नियमों के अनुसार अतिक्रमण हटाने की प्रभावी कार्रवाई की जाए विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न करने वालों के विरुद्ध भी आवश्यक कानूनी कार्यवाही होनी चाहिए जिससे शासन की महत्वाकांक्षी कॉरिडोर परियोजना समयबद्ध तरीके से पूर्ण हो सके।
भगवान जागेश्वरनाथ का धाम सम्पूर्ण बुंदेलखंड की आध्यात्मिक पहचान है मंदिर की गरिमा श्रद्धालुओं की सुविधा और क्षेत्र के विकास को ध्यान में रखते हुए सभी नागरिकों जनप्रतिनिधियों सामाजिक संगठनों एवं प्रशासन को एकजुट होकर इस महत्त्वपूर्ण परियोजना को सफल बनाने में सहयोग करना चाहिए यदि कॉरिडोर निर्माण कार्य पूर्ण रूप से संपन्न हो जाता है तो आने वाले समय में बांदकपुर धाम देश के प्रमुख शिवधामों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा और लाखों श्रद्धालुओं के लिए आस्था सुविधा एवं आध्यात्मिक अनुभूति का अद्वितीय केंद्र बनेगा।
