
दो पटवारी सहित तहसीलदार को बनाया आरोपी
खरगोन । लोकायुक्त पुलिस इंदौर ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध बड़ी कार्यवाही करते हुए एक पटवारी को बीस हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा। नामांतरण के लिए कुल दो लाख रुपए की रिश्वत मांगी गई थी। इस मामले में सेगांव तहसीलदार और एक अन्य बिचौलिये पटवारी को भी आरोपी बनाया गया है। यह कार्रवाई सोमवार- मंगलवार की दरमियानी रात की गई। लोकायुक्त पुलिस इंदौर से मिली जानकारी अनुसार शिकायतकर्ता पुनीत नाड़ीवाल निवासी कसरावद ने 25 सितंबर को लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में शिकायत की थी कि उनकी धर्मपत्नी ममता नाड़ीवाल के नाम से ग्राम सतावड, तहसील सेगांव में कृषि भूमि है, जिसका नामांतरण होना था। पुनीत ने सेगांव तहसीलदार अंतरसिंह कनेश से संपर्क किया, उन्होंने संबंधित पटवारी खुमसिंह धारवे से बात करने को कहा। पटवारी धारवे से संपर्क करने पर उन्होंने हलका क्रमांक 26, के पटवारी कुलदीप यादव के माध्यम से दो लाख रुपए रिश्वत की मांग की। शिकायत के सत्यापन के बाद लोकायुक्त संभाग इंदौर के पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के नेतृत्व में 28 सितंबर 2026 को ट्रैप दल भेजा गया। कार्रवाई के दौरान दौरान पटवारी खुम सिंह धारवे को पाटीदार मेडिकल के सामने, शारदा हॉस्पिटल, खरगोन में रिश्वत की राशि 20 हजार रुपए लिए, लोकायुक्त पुलिस ने उसे रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।
लोकायुक्त पुलिस के अनुसार पटवारी धारवे, पटवारी हलका नंबर 26 ग्राम पनाली, तहसील सेगांव के पटवारी कुलदीप यादव और सेगांव तहसीलदार अंतर सिंह कनेश के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 एवं बीएनएस 2023 की धारा 61 (2) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। ट्रैप दल में निरीक्षक आशुतोष मिठास, प्रधान आरक्षक विजय, आरक्षक शैलेन्द्र सिंह, आशीष नायडू, चंद्रमोहन बिष्ट, मनीष माथुर और श्रीकृष्ण अहिरवार शामिल थे।
