8 बार शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक जेल में रहने और दो साल की उम्रकैद के साथ 77 लाख 64 हजार रुपए का जुर्माना

भोपाल । भोपाल की एक विशेष अदालत ने नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण और पॉक्सो (POCSO) एक्ट से जुड़े मामले में पत्रकार और अखबार मालिक प्यारे मियां को जीवन भर जेल (उम्रकैद) की सजा सुनाई हैजिला एवं सत्र अदालत ने मंगलवार को प्यारे मियां को POCSO (बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण) अधिनियम की 10 अलग-अलग धाराओं के तहत 10 बार आजीवन कारावास की सजा सुनाई है और 77 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। विशेष न्यायाधीश श्रीमती कुमुदिनी पटेल ने आरोपी पत्रकार प्यारे मियां को दोषी ठहराते हए आठ धाराओं के तहत आठ बार शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक आजीवन कारावास और दो बार आजीवन कारावास के साथ 77 लाख 64 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है।
घरूेलू नाैकरानी राबिया बी को दो मामलों में आजीवन कारावास
अदालत ने सह-आरोपी और प्यारे मियां की घरूेलू नाैकरानी राबिया बी को दो मामलों में आजीवन कारावास और बीस हजार रूपए के जुर्माने की सजा सुनाई गई है। अदालत ने मामले के अन्य सहआरोपी खुर्शीद आलम , आवेश उर्फ उवैस,स्वीटी विश्वकर्मा उर्फ हम्पटी ,गुलशन नईम और अनस को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करते हुए बरी दिया। सजा सुनाए जाने के दौरान आरोपी प्यारे मियां को जबलपुर जेल से पुलिस ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जिला अदालत में पेश किया था। आरोपी प्यारे मियां को इसी मामले से संबंधित एक अन्य मामले में जजा अदालत ने शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। आरोपी तब से ही जबलपुर जेल में बंद है। जिला लाेक अभियोजक पीएनएस राजपूत ने बताया कि 11 जुलाई 2020 को 14 से लेकर 16 साल की पांच नाबालिग रात 12:30 बजे रातीबड़ इलाके में रास्ता भटक गईं थीं। रातीबड़ पुलिस ने नाबालिगों से पूछताछ की तो नाबालिगों अपने साथ पत्रकार प्यारे मिया द्वारा किए गए यौन शोषण की कहानी बताई। थाना रातीबढ़ पुलिस की सूचना पर थाना शाहपुरा पुलिस ने नाबालिगों के बयान दर्ज कर उसके आधार पर प्यारे मियां उसकी सचिव स्वीटी विश्वकर्मा उर्फ हम्पटी ,ड्राइवर खुर्शीद आलम, गुलशन नईम, आवेश उर्फ उवैस और अनस के खिलाफ भारतीय दंड संहिंता, पास्के एक्ट और अनुसूचित जाति-जनजाति अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया था। प्यारे मियां मुकदमा दर्ज होते ही फरार हो गया था।
प्यारे मियां मुकदमा दर्ज होते ही फरार हो गया था ………श्री नगर कशमीर से गिरफ्तार

शाहपुरा पुलिस ने प्यारे मियां को 17 जुलाई 2020 को श्री नगर कशमीर से गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया था। पूछताछ के दौरान पीड़िताओं और आरोपी प्यारे मियां के बयानों के आधार पर उसके और उसके साथियों के खिलाफ थाना शाहपुरा के अलावा थाना कोहेफिजा और इंदौर पुलिस ने भी मुकदमे दर्ज किए थे। थाना कोहेफिजा के मामले में भी प्यारे मियां को शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है। मामले की जांच के बाद पुलिस थाना शाहपुरा ने 8 सितंबर 2020 को विशेष न्यायाधीश की अदालत में आरोपियों के खिलाफ 750 पेज का चालान पेश किया था। चालान में थाना शाहपुरा द्वारा पीडिताओं और प्यारे की मेडिकल जांच रिपोर्ट और डीएनए रिपोर्ट सहित 129 गवाहों की सूची भी पेश की थी। पुलिस के अनुसार प्यारे मियां नाबालिग बच्चियों को घर पर काम के बहाने रखकर उन्हें जबरदस्ती शराब पिलाकर, पोर्न मूवी दिखाकर और डरा धमकाकर उनका यौन शोषण करता था। पुलिस ने भोपाल में उनके आलीशान अपार्टमेंट से शराब, जानवरों के सींग और अश्लील सामग्री बरामद की थी। इसके बाद उन पर भारतीय दंड संहिता (IPC), POCSO अधिनियम, आबकारी अधिनियम, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत कई आरोप लगाए गए थे। बरामद की थी। इसके बाद उन पर भारतीय दंड संहिता (IPC), POCSO अधिनियम, आबकारी अधिनियमइसके बाद उन पर भारतीय दंड संहिता (IPC), POCSO अधिनियम, आबकारी अधिनियम, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत कई आरोप लगाए गए थे।, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत कई आरोप लगाए गए थे।
