
जोधपुर। नाबालिग से बलात्कार के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम के खिलाफ जोधपुर पुलिस ने मेडिकल पैरोल खत्म होने के बाद तय समय पर जेल न लौटने के आरोप में मामला दर्ज किया है। आसाराम कोइ 20 दिनों की मेडिकल पैरोल मिली थी, जिसकी अवधि समाप्त होने के बावजूद उन्होंने समय-सीमा के भीतर सेंट्रल जेल में आत्मसमर्पण नहीं किया।
पुलिस के अनुसार, आसाराम को 27 अक्टूबर को शाम 5 बजे तक जोधपुर सेंट्रल जेल में वापस आना था। हालांकि, वह तय समय से कई घंटे बाद, रात 10:40 बजे इंदौर से एयर एम्बुलेंस के द्वारा जोधपुर पहुंचे। यह कार्रवाई जेल गार्ड बनवारीलाल की शिकायत पर 27 अक्टूबर को प्रिजन्स एक्ट (जेल अधिनियम) की धारा 58बी के तहत की गई है। मामले की जांच असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर भवानी सिंह को सौंपी गई है।
आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट ने 6 अक्टूबर को 20 दिनों की मेडिकल पैरोल दी थी, जिसकी अवधि 26 अक्टूबर को समाप्त हुई थी। उनकी कानूनी टीम ने पैरोल बढ़ाने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए उन्हें तय समय-सीमा के भीतर जोधपुर सेंट्रल जेल वापस जाने का निर्देश दिया था। बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य कारणों से आसाराम उज्जैन के एक अस्पताल में इलाज करा रहे थे, जिसके बाद उन्हें एयर एम्बुलेंस से जोधपुर लाया गया। देर रात जेल पहुंचने के कारण जेल प्रशासन ने उन्हें तुरंत अंदर नहीं लिया और उन्हें भगत की कोठी इलाके के एक अस्पताल भेज दिया गया। बुधवार को उन्हें वापस जेल लाए जाने की उम्मीद है। आसाराम को अगस्त 2013 में जोधपुर स्थित उनके आश्रम में एक नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार के मामले में गिरफ्तार किया गया था। 25 अप्रैल 2018 को जोधपुर की एक विशेष पॉक्सो अदालत ने उन्हें दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। यह ताजा मामला विशेष रूप से पैरोल की समय-सीमा खत्म होने के बाद उनके जेल पहुंचने में हुई देरी से जुड़ा है, जिसकी जांच रतनदा पुलिस कर रही है।
