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इन्दौर। मीडिया ब्रीफिंग के लिए जाते जाते एडीशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया उस समय अचानक चौंक कर रूक गये जब उनके मोबाइल पर एक अननोन नंबर से काॅल आया। चूंकि ये एक आटोमेटेड काॅल था इसलिए वे तुरंत समझ गये थे कि यह डिजिटल अरेस्ट करने वाला फ्रॉड काॅल हो सकता है। उन्होंने सोचा इसे रिकॉर्ड कर लोगों को अवेयर किया जा सकता है। घटना रविवार दोपहर करीब 2 बजे की है जब इंदौर एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया को डिजिटल अरेस्ट करने की कोशिश की गई। एडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश दंडोतिया के अनुसार मुझे एक ऑटोमैटेड कॉल आया। जिसमें बताया गया कि आपके क्रेडिट कार्ड का मिस यूज हुआ है। 2 घंटे के अंदर आपका बैंक अकाउंट बंद हो जाएगा। मुझे लगा कि यह डिजिटल अरेस्ट का मामला है। मैं उनसे बात करता रहा। एडिशनल डीसीपी के अनुसार मैं उनसे पूछता रहा कि मुझे क्या करना होगा। उन्होंने बताया कि हम आपकी इतनी मदद कर सकते हैं कि आपको थाने में कनेक्ट करा देंगे। इसके बाद उन्होंने मुझे थाने में कनेक्ट करा दिया। वहां एक ठग ने पुलिस कर्मी बनकर बात की। बताया कि आपके आधार कार्ड का मिस यूज हुआ है। आपके खिलाफ अंधेरी वेस्ट में एफआईआर हुई है। आप मुंबई कब आए थे, मैंने जवाब दिया कि मैं तो 10 साल से मुबंई आया ही नहीं हूं। फिर उन्होंने कहा कि 2 घंटे में आपको थाने आना पड़ेगा। मैंने कहा- मैं इंदौर में रहता हूं। 2 घंटे में आना संभव नहीं है। उनका जवाब था कि हम आपकी हमारे अफसर से बात कराते हैं। वह अंदर गया, वहां जय हिंद कहा और बताया कि एक डिजिटल का मामला है। स्टेटमेंट ले सकते हैं क्या, परमिशन है। इसके बाद विडियो काॅल में मुझे वर्दी में देखकर उन्होंने कहा कि आपके साथ कौन है, तो मैंने कहा कि मैं ही हूं। मैं एक पुलिस अफसर हूं। इसके बाद उन्होंने कॉल डिस्कनेक्ट कर दिया। एडिशनल डीसीपी के अनुसार मैं उस वक्त मीडिया को रूटीन ब्रीफ करने जा रहा था। तभी यह कॉल आया। मैं समझ गया था कि डिजिटल अरेस्ट करने वाला फ्रॉड कॉल है। सोचा इसे रिकॉर्ड कर लोगों को अवेयर किया जा सकता है।

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