आयुक्त लोक शिक्षण ने डीईओ को दिए निर्देश, किसी को न हटाया जाए
भोपाल । प्रदेश में बीएड की योग्यता के आधार पर प्राथमिक शिक्षक बनने वाले 341 शिक्षकों की नियुक्तियां निरस्त करने पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। 9 दिन पहले लोक शिक्षण संचालनालय ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देकर नौकरी से हटाने के आदेश जारी किए थे। इस आदेश को शिक्षकों ने कोर्ट में चुनौती दी है। आयुक्त लोक शिक्षण शिल्पा गुप्ता ने मामला कोर्ट में होने के कारण शिक्षकों को नौकरी या स्कूल से न हटाया जाए। उन्हें वहीं काम करने दिया जाए, जहां वे पदस्थ हैं।
इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने 11 अगस्त 2023 को आदेश जारी किया है। जिसमें एनसीटीई की 28 जून 2018 की अधिसूचना को निरस्त कर दिया है। इसके आधार पर बीएड योग्यताधारी उम्मीदवार प्राथमिक शिक्षक के लिए पात्र नहीं होंगे। बीएड योग्यता के आधार पर प्राथमिक शिक्षक नियुक्ति में उम्मीदवारों को शामिल नहीं करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में डब्ल्यूपी लगाई गई थी। वहीं जबलपुर हाईकोर्ट ने भी ऐसे ही मामलों में 3 मई 2024 को आदेश जारी कर कहा है कि 11 अगस्त 2023 के पूर्व नियुक्त बीएड योग्यताधारी उम्मीदवार को ही योग्यता को मान्य किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का पालन करते हुए आयुक्त लोक शिक्षण ने 11 अगस्त 2023 और उसके बाद नियुक्त 341 शिक्षकों को हटाने के आदेश दिए थे। अब आयुक्त ने सिंगरौली, उज्जैन, सागर, छतरपुर, विदिशा और नरसिंहपुर के जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मामले में कोर्ट का फैसला आने तक संबंधित शिक्षकों को न हटाया जाए।
इन जिलों को दिया शिक्षकों को हटाने का आदेश
जिन जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों को बीएड की योग्यता के आधार पर प्राथमिक शिक्षक पद से बर्खास्त करने के लिए कहा है उनमें आगर मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, छतरपुर, दमोह, डिंडौरी, गुना, कटनी, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नरसिंहपुर, नीमच, निवाड़ी, पन्ना, रायसेन, रतलाम, सागर, श्योपुर, शिवपुरी, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उज्जैन और विदिशा शामिल हैं।
