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नगर निगम की साधारण सभा बैठक में 100 प्रतिशत वेतन भुगतान पर मामला गरमाया
जबलपुर। नगर निगम स्थित पंडित भवानी प्रसाद तिवारी सभाकक्ष में सोमवार को आयोजित साधारण सभा की बैठक की शुरुआत शांतिपूर्ण रही, लेकिन जैसे ही प्रस्ताव क्रमांक 12 पटल पर रखा गया, माहौल गर्म हो गया। यह प्रस्ताव संविदा सफाई कर्मचारियों को 100 प्रतिशत वेतन भुगतान से संबंधित था, जिस पर सर्वसम्मति बनी, लेकिन कांग्रेस पार्षद अयोध्या तिवारी ने इसका विरोध करते हुए एक नया विवाद खड़ा कर दिया। श्री तिवारी ने कहा कि 425 संविदा सफाई कर्मचारियों में से अधिकांश कर्मचारी अपनी मूल जिम्मेदारी के बजाय अन्य विभागों में तैनात हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि कुछ सफाई कर्मचारी स्वास्थ्य विभाग में वार्ड सुपरवाइजर के रूप में काम कर रहे हैं, कुछ बाजार विभाग में वसूली का काम देख रहे हैं, जबकि कुछ अतिक्रमण शाखा में दल प्रभारी बने हुए हैं। इस पर महापौर ने जवाब देते हुए कहा कि यह आयुक्त का विशेषाधिकार है कि वह कर्मचारियों को किस कार्य में तैनात करें। यदि किसी पार्षद को किसी कर्मचारी की कार्यप्रणाली पर आपत्ति है, तो वे आयुक्त से शिकायत कर सकते हैं। आयुक्त यदि किसी कर्मचारी से असंतुष्ट होंगे तो उसे हटा भी सकते हैं।
इसके बाद बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित हुए। एक दर्जन से अधिक प्रस्तावों को बिना किसी विरोध के सर्वसम्मति से पारित किया गया, जिनमें अधिकांश चौराहों के नामकरण से संबंधित थे। इसके अलावा, मुआवजा वितरण के प्रस्ताव, फ्लाईलावेर निर्माण में भूमि अधिग्रहण के प्रस्ताव और क्षतिग्रस्त बाउंड्रीवॉल की मरम्मत के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। कठौंदा में पटाखा व्यापारियों को भूमि आवंटन के प्रस्ताव पर नेता प्रतिपक्ष अमरीश मिश्रा ने सवाल उठाया, उन्होंने कहा कि आवंटन में पारदर्शिता होनी चाहिए, नहीं तो चंडालभाटा जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

बैठक में पूर्व नेता प्रतिपक्ष और पार्षद कमलेश अग्रवाल ने भी चुटकी ली। उन्होंने कहा कि जैसे ही हम पार्षद बने, वैसे ही जो ज्यादा योग्य थे, उन्हें एमआईसी और अन्य महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त किया गया। इस पर वहां बैठे कुछ पार्षदों ने उन्हें चुटीले अंदाज में जवाब देते हुए कहा, आप भी तो किसी पद पर नहीं हैं, तो क्या आप योग्य नहीं हैं? इस बातचीत ने सदन में हलका-फुल्का हंसी-मजाक का माहौल बना दिया।
बैठक के दौरान, अंदर खाने चर्चा यह भी थी कि विपक्ष डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के लिए ग्रुप वाइज ठेके देने के प्रस्ताव पर विरोध कर सकता है। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर पहले से ही सत्तापक्ष से नाराज है, इसलिए जैसे ही यह प्रस्ताव सामने आएगा, जोरदार हंगामे की संभावना जताई जा रही है।

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