
भूमाफिया से बड़ा राशन माफिया-केंद्रीय मंत्री सिंधिया प्रशासन के साथ बैठक उपरांत पत्रकारों से हुए रूबरू
गुना । बांग्लादेश में हो रही हिन्दूओं के खिलाफ हिंसा और प्रताडऩा की मैं घोर निंदा करता है। हर देश की जिम्मेदारी होती है कि वह अपने हर नागरिक की सुरक्षा पूर्ण रूप से करें। मैं कामना करता हूं कि एक-एक व्यक्ति जान-माल की सुरक्षा वहां हो। उक्त बात क्षेत्रीय सांसद एवं केंद्रीय उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गत रात कलेक्टोरेट में दिशा की बैठक के उपरांत पत्रकारों से चर्चा करते हुए कही। उन्होंने एक सवाल के जबाव में कहा कि गुना और अशोकनगर दोनों जिलों के प्रशासन ने भूमाफिया, राशन माफिया के खिलाफ बहुत अच्छा काम किया है। हर महीने इसकी डिटेल आ रही हैं। केवल भूमाफिया ही नहीं, राशन माफिया पर भी बड़ी कार्रवाई हुई है। जितना बड़ा भूमाफिया है, उससे बड़ा राशन माफिया है। अभी हाल ही में अशोकनगर में तो बड़े-बड़े राशन माफियाओं को पकड़ा है। इन सख्त कार्रवाई हो रही है। एक तो इनता बड़ा है कि 44 लाख का राशन में गबन किया है। ऐसे बड़े-बड़े केसों को भी हम हाथ में ले रहे हैं और सख्त कार्रवाई कर रहे हैं।
संसद की कार्यवाही बाधित करने पर सिंधिया का विपक्ष पर निशाना
इस दौरान केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने संसद में विपक्ष द्वारा लगातार अदाणी रिश्वत मामले पर चर्चा की मांग को लेकर किए जा रहे हंगामे पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष संसद की कार्यवाही बाधित कर रहा है। सिंधिया ने कहा विपक्ष की हठधर्मिता देश के लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उनकी प्राथमिकता देश के मुद्दों पर चर्चा के बजाय अपनी राजनीति चलाना जिन्हें जनता ने बार-बार नकारा है, वे लोकतांत्रिक परंपराओं का अपमान कर रहे हैं। उन्होंने हरियाणा और महाराष्ट्र के चुनावी नतीजों का उल्लेख करते हुए कहा कि जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अटूट विश्वास जताया है।
तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने का रिकॉर्ड
सिंधिया ने कहा, भारत के 75 वर्षों के इतिहास में पहली बार किसी प्रधानमंत्री को तीसरी बार लगातार सेवा का अवसर मिला है। यह इस बात का प्रमाण है कि देश प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व को पसंद करता है। केंद्रीय मंत्री ने विपक्ष पर संसद के सुचारु संचालन में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए कहा, संसद लोकतंत्र का मंदिर है, लेकिन कुछ लोग इसे बाधित करने में जुटे हैं। उन्हें देश, धर्म, लोकतंत्र या संसद की गरिमा की कोई परवाह नहीं है। उनकी जिद है कि चर्चा उनके एजेंडे पर हो, न कि देशहित के मुद्दों पर। सिंधिया ने अंत में कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करना हर राजनीतिक दल की जिम्मेदारी है, और संसद का सुचारु संचालन इसके लिए अनिवार्य है।
