
अशोकनगर। पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार जैन के निर्देशन में साइबर सेल द्वारा बुधवार को नेहरू डिग्री कॉलेज में साइबर अपराधों से बचाव हेतु विशेष साइबर जागरूकता सेमीनार का आयोजन किया गया।
पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार जैन द्वारा कॉलेज के विद्यार्थियों को साइबर फ्रॉड के प्रकार डिजीटल अरेस्ट, सिम स्वैप, फिशिंग एप्लीकेशन, लोन एप्लीकेशन के माध्यम से होने वाली ठगी, अपराधी ऑनलाईन फ्रॉड कैसे करते हैं एवं उनसे बचने के संबंध में वर्ती जाने वाली सावधानियां के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाईन फ्रॉड होने पर ऑनलाईन, ऑफलाईन शिकायत किस तरह की जाना है उसके संबंध में भी जानकारी दी गई। सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल हेतु गूगल पर एचटीटीपीएस से प्रारम्भ होने वाली बैबसाईट का ही प्रयोग करने की समझाइश दी गई।साइबर सेल सहायक उप निरीक्षक संजय गुप्ता एवं सहायक उप निरीक्षक अभिजीत सिंह द्वारा नेहरू डिग्री कॉलेज के विद्यार्थियों को बताया गया कि ऑनलाईन फ्राड मुख्यत: लालच एवं डर के कारण होते है जिसके अंतर्गत साइबर अपराधियों द्वारा आमजन को डराकर अथवा लालच देकर ऑनलाईन फ्रॉड किया जाता है। वर्तमान में प्रचलित सायबर अपराधों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। जिसके अंतर्गत डिजीटल अरेस्ट, सिम स्वाईप, फिशिंग एप्लीकेशन, लोन एप्लीकेशन के माध्यम से होने वाली ठगी से बचाव के बारे में समझाया गया। विद्यार्थियों के द्वारा सोशल मीडिया का उपयोग करने के दौरान क्या-क्या सावधानियां बरतना चाहिये एवं सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के संबंध में बताया गया। सेमीनार में शासकीय नेहरू डिग्री कॉलेज प्राचार्य डॉ. मनोज ठाकुर, प्रोफेसर डॉ. पीके सुराना, डॉ. नवीन पटवा, डॉ. शालिनी राय, डॉ. जयप्रकाश अहिरवार, डॉ. विशाल नरवरिया, स्पोर्ट ऑफिसर चन्द्रशेखर जाटव, कॉलेज का स्टॉफ, एसडीओपी विवेक शर्मा, सहित कॉलेज विद्यार्थी उपस्थित रहे।
सोशल मीडिया साइटों पर टू टाइम पासवर्ड का करें उपयोग:
अधिकांश सोशल मीडिया साइटें एवं ई-मेल सर्विस प्रोवाइडर आपको आपके खाते को लॉग इन करने के लिए टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन का विकल्प देते हैं। आप सेटिंग्स पर जाएं और टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन को एक्टिवेट करें। आपको अपना एकाउंट लॉग इन करने के लिए अपना पासवर्ड और आपके मोबाइल पर प्राप्त हुआ वन टाइम पासवर्ड टाइप करना होगा। यह एक अच्छा सुरक्षा फीचर है और इसका प्रयोग आवश्यक रूप से सभी एकाउंट खोलने के लिए किया जाना चाहिए। समय-समय पर पासवर्ड को बदलने एवं मजबूत पासवर्ड का उपयोग करने एवं स्वयं की निजी जानकारियां सोशल मीडिया पर शेयर न करने की समझाईस दी गई।
साइबर अपराध घटित होने की स्थिति में तत्काल सायबर क्राईम हेल्प लाईन नंबर 1930 एवं वेबसाईट सायबर क्राइम डॉट जीओवी पर साइबर क्राईम संबंधी अपराधों की शिकायत दर्ज करने के संबंध में जानकारी दी गई। अंत में विद्यार्थियों ने सेमीनार के पश्चात सायबर क्राईम से संबंधित प्रश्नोत्तरी की गई। जिसमें विद्यार्थियों द्वारा बढ़चढ़ कर भाग लिया गया तथा अपनी जिज्ञासाओं को लेकर प्रश्न किए गए, पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार जैन द्वारा विद्यार्थियों के पूछे गये सभी प्रश्नों के संतुष्टि पूर्वक उत्तर दिये।
