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दिल्ली कूच पर अड़े किसान
नई दिल्ली। शंभू बॉर्डर पर किसान संगठनों का आंदोलन एक बार फिर जोर पकड़ता दिखा है। आठ महीने से धरने पर बैठे किसानों ने सोमवार को दिल्ली चलो आंदोलन के तहत बैरिकेड तोड़कर दिल्ली की ओर कूच करने का प्रयास किया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और एक किसान को हिरासत में ले लिया। अंबाला में इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी गई हैं और सार्वजनिक सभाओं पर भी रोक लगाई गई है।
पिछले 8 महीने से शंभू बॉर्डर पर धरना दे रहे किसान संगठन एक बार फिर दिल्ली कूच की कोशिश करते नजर आ रहे हैं। धरना-प्रदर्शन के बीच शंभू बॉर्डर पर किसानों ने आगे बढ़ने की कोशिश भी की हैं। किसानों ने आगे बढ़ते हुए बैरिकेड की एक लेयर को रास्ते से हटा दिया, जिसे देखते हुए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे हैं, वहीं एक किसान को डिटेन भी किया गया है। किसान अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पिछले 08 महीनों से धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे में शुक्रवार को करीब 1 बजे 101 किसानों का पहला जत्था पैदल दिल्ली रवाना होने के लिए जुटा। किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली के बिना ही दिल्ली की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे। बताते चलें कि किसानों का यह आंदोलन पिछले साल 13 फरवरी से शंभू बॉर्डर पर जारी है।
किसान आंदोलन को देखते हुए हरियाणा और दिल्ली पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त इंतजाम किए हैं। शंभू बॉर्डर पर सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। अर्धसैनिक बल, ड्रोन के साथ ही किसी भी स्थिति से निपटने के लिए वाटर कैनन के उपाय किए गए हैं। अंबाला में इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी गई हैं और सार्वजनिक सभाओं पर रोक लगाई गई है।
दिल्ली चलो आंदोलन
किसानों ने इस आंदोलन को दिल्ली चलो नाम दिया है। उनका कहना है कि यह सरकार तक अपनी मांगें पहुंचाने का प्रयास है। पंजाब और हरियाणा को जोड़ने वाले शंभू बॉर्डर पर किसानों का यह प्रदर्शन प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है। पंजाब-हरियाणा बॉर्डर के इस संवेदनशील क्षेत्र में पुलिस ने स्थिति पर कड़ी नजर बनाए रखी है।

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