
जबलपुर। अपर कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट में उपार्जन व्यवस्था को लेकर एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें सभी संबंधित अधिकारी मौजूद थे। बैठक में श्रीमती सिंह ने विशेष रूप से कहा कि उपार्जन प्रक्रिया में किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए निकटतम वेयर हाउसों में खरीदी केंद्र बनाए गए हैं। उन्होंने सभी अधिकारियों और जेएसओ से उपार्जन कार्य को सरल और व्यवस्थित तरीके से संपादित करने का आग्रह किया।
इस दौरान, वेयर हाउस के किराया भुगतान को लेकर भी चर्चा हुई। अपर कलेक्टर ने कहा कि जिला प्रबंधक वेयर हाउसिंग को इस दिशा में सक्रियता से कार्य करना चाहिए। अगर किसी वेयर हाउस में गेहूं या धान खराब पाया जाता है, तो उसका भुगतान रोका जाए और बाकी का भुगतान किया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन वेयर हाउसों में रखा गया धान या गेहूं पूरी तरह से सही है, उनका भुगतान बिना किसी रुकावट के किया जाना चाहिए। खराब माल का भुगतान नहीं किया जाएगा।
अपर कलेक्टर श्रीमती सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि उपार्जन प्रक्रिया को वेयर हाउस की समस्याओं से जोड़ने की जरूरत नहीं है, क्योंकि उपार्जन प्रक्रिया के बाद ही फसलों को वेयर हाउस में रखा जाता है। उन्होंने यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता जताई कि गोदामों से राइस मिलर्स की मैपिंग की जाए और इस दिशा में कार्यवाही की जाए। साथ ही, वेयर हाउस किराया का समय पर भुगतान भी सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में उपार्जित धान के भंडारण की व्यवस्था और उससे संबंधित समस्याओं पर विचार करने के लिए वेयर हाउस संचालकों के साथ कलेक्टर सभागार में एक बैठक आयोजित करने की योजना भी बनाई गई। इसके अलावा, खरीदी केंद्रों के प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई।
