
दमोह : मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुकेश जैन ने बताया आयरन डेफिशियेंसी जागरूकता माह के तहत आज स्कूलों एवं ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण दिवस सत्र स्थल पर एनीमिया के संकेत एवं लक्षणों के बारे में जागरूक किया गया। सत्र में मौजूद बच्चों, गर्भवती महिलाओं को एनीमिया से बचाव के लिए नियमित रूप से आई.एफ.ए. गोलियों एवं संतुलित पोषण आहार का सेवन करने की शपथ दिलाई गई।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश नामदेव ने शहरी क्षेत्र के वार्ड नम्बर 6 के आंगनवाडी केन्द्र क्रमांक 32 में पहुंचकर मौजूद बच्चों, गर्भवती महिलाओं को एनीमिया के प्रारंभिक संकेत मसलन पलक के नीचे सफेदपन, नाखूनों का टूटना व पीला पड़ना, जीभ का सफेदपन, होठों के कोने फटना तथा पैरों में सूजन के संबंध में जागरूक किया। इसके साथ ही एनीमिया से मुक्ति की शपथ भी दिलाई। इस दौरान सुपरवाईजर अभय तिवारी एवं ए.एन.एम. नेहा प्रजापति मौजूद रहीं। इसी प्रकार पटेरा के सतरिया ग्राम में आर.बी.एस.के चिकित्सक बसंत लोडकर ने स्कूली छात्र-छात्राओं को एनीमिया से बचाव के संबंध में नियमित रूप से आई.एफ.ए. गोलियों के सेवन एवं संतुलित पोषण आहार के संबंध में समझाईश देकर एनीमिया मुक्त भारत बनाने की शपथ दिलाई।
पथरिया के स्कूल एवं आयोजित ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण सत्र में दिलाई शपथ
आर.बी.एस.के चिकित्सक अनामिका श्रीवास्तव और जुगराज पटेल ने विकासखंड पथरिया अंतर्गत प्राथमिक स्कूल परसौरिया नाहर में अध्ययनरत बच्चों को एनीमिया से बचाव में बेहद अहम आयरन टेबलेट खाने व अन्य लोगों को इस संबंध में प्रेरित कर एनीमिया मुक्त भारत बनाने में सहभागी बनने शपथ दिलाई गई। जबकि पथरिया के आर.बी.एस.के चिकित्सक ए.एम.ओ. अवधेश ठाकुर एवं फार्मासिस्ट मदन पटेल ने किन्द्रहों में आयोजित ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण सत्र स्थल पर पहुंचकर बच्चों में आयरन की कमी का परीक्षण किया। 05 वर्ष तक के बच्चों को नियमित रूप से आयरन सीरप के सेवन के संबंध में समझाईश देकर सीरप भी वितरित किया।
