



दमोह ! जाहिर पीर जगत गुरु बाबा कलजुग अवतार धन श्री गुरु नानक देव साहिब जी के 555 वे पावन प्रकाश पर्व को समर्पित दुःख निवारण चालीसा महोत्सव का आगाज शहर के सिंधी समाज धर्मशाला सिंधी केम्प में विगत 5 /11/24 को सुबह अमृत वेल्ले जिसे ब्रम्ह महूर्त भी बोला जाता है सुबह 3:45 बजे श्री जपजी साहिब जी का पाठ शबद कीर्तन शुरू किआ जाता है जिसमे भाई साब भाई गुरप्रीत सिंघ जी बॉम्बे वालो के द्वारा वीडियो प्रोजेक्टर के माधयम से सारी गुरु नानक नाम लेवा संगत को गुरबानी शबद कीर्तन बहुत ही सरल और सहज हिंदी में समझाते है जिससे हर इंसान को बहुत सरलता से गुरबानी से जुड़ने और समझने में सहयोग मिलता है जिसमे सिंधी समाज और सिख समाज के बड़ी सँख्या में बचे बड़े और बुजुर्गो की सहभागिता रहती है अमृत वेल्ला सेवादार
धर्मेंद सिंघ बॉबी वाधवा व् हरीश वाधवानी ने जानकारी देते हुए बताया की आज 35 वे दिन की सेवा मालिक ने तरस कर के ली है और इस चालीसा महोत्सव की समाप्ति हिन्द की चादर धन श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी महाराज जी और सरवंश दानी श्री गुरु गोविन्द सिंघ साहिब जी महाराज और उनके परिवार और गुरु के कई प्यारो की लासानी शहादत के नाम और उनको समर्पित चालीसा महोत्स्व की समाप्ति 17/12/24 दिन मंगलवार को पहले दीवान अपने तय समय पर ही लगेगा और दूसरा शुकराने का दीवान एक शाम सरवंश दानी गुरु गोविन्द सिंघ साहिब जी और उनके परिवार और कई गुरु के प्यारो की लासानी शहादत को समर्पित शाम को 6 बजे श्री रहिरास साहिब जी के पाठ से शुरू होगा और शबद कीर्तन अरदास के बाद 8;45 से सारी संगत के लिए गुरु के लंगर की सेवा रखी गयी है जिसमे अमृत वेल्ला सेवादार राहुल सिंघ नावानी ने सबको पहुंचने और गुरु बाबे का प्रसाद ग्रहण करने की अपील करी गयी है!
