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जबलपुर। आजीविका मिशन के जिला प्रभारी जिला परियोजना प्रबंधक को अखिल शुक्ला को जिला कलेक्टर ने जांच प्रतिवेदन के बाद संविदा नियुक्ति से बर्खास्त कर दिया| उन पर आरोप था कि उन्होंने कोदो, कुटकी कुकीज निर्माण यूनिट के लिए गुणवत्ताहीन, घटिया मशीनें प्रदाय कराई और लाखों रुपए का भुगतान स्व-सहायता समूह पर अनावश्यक दबाव डालकर कराया| अधिक भुगतान की राशि प्रदाय एंजेसी से वापस जमा करा ली गई और जिला प्रबंधक प्रभारी अखिल शुक्ला को शोकॉज नोटिस दिया था, जिस पर वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए थे| उन पर लगे आरोप जांच में सही पाए गए| जांच अधिकारी मुख्य कार्यपालन यंत्री जनपद पंचायत कुंडम सहायक यंत्री मुकेश शर्मा, सूरज शर्मा परियोजना अधिकारी वॉटर शेड जिला पंचायत जबलपुर ने पूरे मामलें की जांच की| संयुक्त रुप से जांच कर्ता अधिकारियों ने मुख्यकार्यपालन यंत्री को मुख्य जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की| जिला कलेक्टर दीपक सक्सेना ने बताया कि सरस्वती आजीविका महिला स्वसहायता समूह तिलसानी कुण्डम के द्वारा कलेक्टर कार्यालय की जनसुनवाई में यह शिकायत की गई थी कि अखिल शुक्ला जिला प्रबंधक लघु उद्यमिता विकास (प्रभारी म.प्र. राज्य आजीविका मिशन जबलपुर) जिला पंचायत द्वारा कम कीमत की कोदो कुटकी कुकीज निर्माण यूनिट की गुणवत्ताहीन, कम क्षमता की घटिया मशीन प्रदाय कराई गई और दबाव बनाकर ज्यादा पेमेंट कराया गया| इस शिकायत की जांच के लिए जिला कलेक्टर द्वारा जांच दल गठित किया गया, जिसमें उपरोक्त तीनों अधिकारी शामिल थे| जांच दल ने अपनी जांच रिपोर्ट में बताया कि कोदो कुटकी कुकीज निर्माण में खरीदी गई मशीनें आईएसआई मार्का नहीं थी मशीनों को सही ढंग से स्टॉल नहीं किया गया था| फ्लोर और शुगर मशीन से वेस्टेज हो रहा था| महिलाओं को मशीनों की परिचालन के संबंध में सही ढंग से प्रशिक्षण भी नहीं दिया गया था| सप्लाई की गई मशीनों का भुगतान 10 लाख 6 हजार 68 रुपए कराया गया, जबकि मशीनों की वास्तविक बाजार मूल्य 2 लाख 52 हजार 939 रुपए हैं| यह मशीनें चाईना मेड पाई गई| मशीनरी सप्लाई से संबंधित वेंडर ऋत्विक जैन के भी कथन लिए गए, जिसमें उन्होंने कहा कि परियोजना प्रबंधक अखिल शुक्ला द्वारा 25 अक्टूबर 2024 को पत्र क्रमांक 742 में वेंडर ऋत्विक जैन को 10.25 लाख रुपए की राशि सरस्वती आजीविका महिला स्वसहायता समूह तिलसानी कुण्डम से वेंडर ऋत्विक जैन को उपलब्ध कराई गई| स्वसहायता समूह द्वारा शिकायत में पेन ड्राईव में धमकाने, भुगतान का दबाव बनाने की पुष्टि की गई, जिसमें श्री शुक्ला की आवाज की रिकार्डिंग से भी प्रमाणित होती है|
कलेक्टर दीपक सक्सेना ने अभिलेखों के परीक्षण, जांच प्रतिवेदन, शिकायतकर्ता, जांच दल के प्रतिवेदन के बाद अखिल शुक्ला के भी बयान दर्ज किए गए, लेकिन वह कोई संतोषजनक तर्क प्रस्तुत नहीं कर सके| अलबत्ता तमाम जांच के बाद यह बात सामने आई कि श्री शुक्ला ने स्वसहायता समूह को आर्थिक क्षति पंहुचाने, प्रशासन की छवि धूमिल करने एवं स्वसहायता समूह के साथ धोखाधड़ी की|
कलेक्टर श्री सक्सेना ने अखिल शुक्ला का उक्त कृत्य को गंभीर प्रशासकीय एवं वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में पाया| इसके बाद कलेक्टर ने अखिल शुक्ला जिला प्रबंधक की संविदा सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त करने के आदेश जारी कर दिए है।

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