व्याख्यान से लोगों की जानकारी बढ़ेगी और गीता के बारे में जान सकेंगे-विधायक जयंत कुमार मलैया
प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस के आडोटोरियम में गीता जयंती पर व्याख्यान संपन्न





दमोह : गीता जयंती के अवसर पर आज अंर्तराष्ट्रीय गीता महोत्सव कार्यक्रम पूर्व वित्तमंत्री एवं दमोह विधायक श्री जयंत कुमार मलैया ने प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस के ऑडोटोरियम में दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। इस अवसर पर सरस्वती शिशु मंदिर के छात्र-छात्राओं ने श्लोक वाचन एवं बांदकपुर के विद्वान पंडितों द्वारा गीता का स-स्वर पाठ किया। विधायक श्री मलैया ने संस्कृति विभाग की ओर से गीता के चित्रों पर लगाई गई प्रदर्शनी का फीता काटकर शुभारंभ किया। उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। गीता के प्रख्यात वक्ता विचारक एवं लेखक डॉ.विजय अग्रवाल का स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया।
इस अवसर पर विधायक श्री जयंत कुमार मलैया ने कहा गीता का ज्ञान विषय पर व्याख्यान कार्यक्रम प्रारंभ हुआ है, जिसका आज प्रथम दिवस है। इसमें देश के प्रख्यात वक्ता, विचारक और लेखक डॉ. विजय अग्रवाल आये हुये हैं, उन्होंने बहुत सी पुस्तकें लिखी है और गीता के ऊपर भी दो पुस्तकें लिखी हैं। निश्चित रूप से उनके व्याख्यान से लोगों की जानकारी बढ़ेगी और गीता के बारे में जान सकेंगे। उनकी एक किताब है समय प्रबंधन, आज लोगों को बहुत आवश्यकता है समय प्रबंधन को यदि हमने इसे अपने जीवन में आत्मसात कर ले तो हम बहुत सी चीजें कर सकते हैं और आराम से कर सकते हैं। उन्होंने कहा डॉ. विजय अग्रवाल हमारे बीच में आए हैं इसके लिये अपनी और जिले वासियों की आपका बहुत-बहुत हार्दिक वंदन करता हूं, अभिनंदन करता हूं।
कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने कहा राज्य शासन के निर्देशानुसार पूरे प्रदेश में 11 दिसंबर को गीता जयंती का कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी सिलसिले में दमोह जिले में मुख्य कार्यक्रम आज प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस दमोह में आयोजित किया गय। कलेक्टर श्री कोचर ने कहा आज बड़ी खुशी की बात है कि सरस्वती शिशु मंदिर के विद्यार्थियों और गीता प्रतिष्ठान के विप्रजन के द्वारा यहाँ पर गीता का स-स्वर पाठ किया गया। उस के बाद डॉक्टर विजय अग्रवाल साहब का व्याख्यान यहाँ पर दमोह की जनता को सुनने को मिला। गीता का ज्ञान विषय के ऊपर वे गीता के प्रकांड विद्वानों में से एक माने जाते हैं। डॉ. अग्रवाल जी ने गीता पर दो किताबें भी लिखी हैं। उनका एक गीता पर व्हाट्सएप क्लब भी चलता है। देश-विदेश में वो व्याख्यान देने के लिए गीता पर जाते हैं। आज उनके व्याख्यान सुनने का सौभाग्य हम सबको मिला।

कलेक्टर श्री कोचर ने यहाँ पर एक बहुत अच्छी प्रदर्शनी भी लगाई गई है जो की राज्य शासन के संस्कृति विभाग के माध्यम से लगाई गई है। मेरा अनुरोध है गीता पर केन्द्रित यह प्रदर्शनी अभी लगी रहेंगी। प्रदर्शनी को सभी लोग अवलोकन जरूर करें और मुझे विश्वास है आज के इस कार्यक्रम से गीता को जीवन में उतारने के लिए प्रैक्टिकल सूत्र (व्यवहारिक सूत्र)दिए हैं,हम सब उसका पालन करेंगे तो हमारे जीवन में गीता उतरने लगेगी।
लेखक एवं विचारक डॉ. विजय अग्रवाल ने कहा मध्य प्रदेश सरकार ने यह फैसला किया है कि गीता जयंती का उत्सव पूरे राज्य में मनाया जाएगा, यह अपने आप में बहुत अद्भुत निर्णय है। मुख्यमंत्री जी उज्जैन के हैं, भगवान श्री कृष्ण ने उज्जैन में शिक्षा प्राप्त की, जो ज्ञान के बीज उज्जैन में उनके अंदर पड़े वह जाकर के कुरुक्षेत्र में वट वृक्ष बने, मुख्यमंत्री जी भी उज्जैन से हैं उनके द्वारा जो यह शुरुआत की गई है गीता जयंती की मुझे लगता है कि वे इसके लिए सबसे उपयुक्त पात्र है, जिन्होंने इसकी शुरुआत कराई है। डॉ. अग्रवाल ने कहा यदि गीता का ज्ञान, गीता की परंपरा सही मायने में लोगों तक पहुंच सके और लोग इसे स्वीकार करके अपने जीवन में उतार सकें तो जीवन का स्वरूप बिल्कुल बदल जाएगा। यदि जीवन का स्वरूप बदलेगा तो समाज का स्वरूप बदल जाएगा, समाज का स्वरूप बदलेगा तो राष्ट्र का स्वरूप बदल जाएगा। गीता बहुत ही महान ग्रंथ है लेकिन अनफॉर्चूनेटली गीता उस स्वरूप में लोगों तक पहुंच नहीं पाई है, इसी को लेकर मैंने अभी दो किताबें लिखी है, एक गीता का ज्ञान और दूसरी स्टूडेंट और गीता का ज्ञान, इन किताबों में मैंने गीता को सरल तरीके से बताने की कोशिश की है ताकि सरलता से गीता को समझ करके लोग उसे अपने जीवन में उतार सके।
