
गुना। वन विभाग द्वारा वन्यजीव संरक्षण और वन अपराधों पर नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन वाइल्ड ट्रेक के तहत बजरंगगढ़ वन क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई वनमंडलाधिकारी अक्षय राठौर के निर्देशन और उप वनमंडलाधिकारी आरसी डामोर के मार्गदर्शन में की गई। वन परिक्षेत्र गुना दक्षिण के तहत गत दिवस को बीट गेड़ावर्रा के कक्ष क्रमांक आरएफ-128 में गश्त के दौरान वन्यप्राणी शिकार के प्रयास को विफल करते हुए आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की गई।
करंट से शिकार का प्रयास विफल
गश्ती के दौरान वन विभाग की टीम ने पाया कि वनक्षेत्र में करंट का उपयोग कर वन्यप्राणियों के शिकार का प्रयास किया जा रहा था। विभाग ने तत्परता दिखाते हुए मौके पर शिकार के लिए लगाए गए तार, विद्युत संयोजन में प्रयुक्त उपकरण, और वन क्षेत्र में लगाए गए फंदे जप्त कर लिए। आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 और भारतीय वन अधिनियम 1927 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
टीम की सतर्कता से बचाई गई वन्यजीवों की जान
वन विभाग की टीम की सतर्कता और तत्परता से वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकी। यह कार्रवाई वन अपराधों के खिलाफ विभाग की सख्त नीति को दर्शाती है और वन्यजीव संरक्षण के प्रति विभाग की प्रतिबद्धता को मजबूत करती है। इस महत्वपूर्ण अभियान में विवेक चौधरी (वन परिक्षेत्र अधिकारी, गुना दक्षिण), का.वा. वनपाल दुर्गेन्द्र सिंह जाट, वनरक्षक उमेश यादव, रविंद्र रघुवंशी, मानवेन्द्र सिंह बघेल, राजकुमार सहरिया, और राजकपूर जाटव ने सराहनीय योगदान दिया। इन सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की सामूहिक कोशिशों के कारण यह कार्रवाई सफल रही।
वन्यजीव संरक्षण को प्राथमिकता
ऑपरेशन वाइल्ड ट्रेक के तहत वन विभाग लगातार जंगलों में गश्त कर रहा है और वन्यप्राणियों के शिकार की घटनाओं को रोकने के लिए सक्रिय है। बजरंगगढ़ क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई ने वन्यजीवों के शिकार के बढ़ते खतरे पर प्रभावी लगाम लगाई है।
वनमंडलाधिकारी अक्षय राठौर ने बताया कि वन विभाग जंगलों और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, वन्यजीव संरक्षण के प्रति हमारी जिम्मेदारी केवल कानूनी कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि वन्यजीवों और उनके प्राकृतिक आवास की रक्षा के लिए जागरूकता फैलाना भी हमारी प्राथमिकता है। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन अपराधों में लिप्त व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। यह अभियान वन्यजीवों के संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है और ऐसे अपराधों में लिप्त लोगों को कड़ा संदेश देता है।
