

मध्यप्रदेश में 41 लाख एवं उत्तर प्रदेश में 21 लाख आबादी को पेयजल की सुविधा होगी प्राप्त
परियोजना का शुभारंभ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के करकमलों द्वारा छतरपुर जिले में 25 दिसंबर को
दमोह : मध्य प्रदेश सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार एवं भारत सरकार के मध्य 22 मार्च 2021 को एक त्रिपक्षीय सहमति ज्ञापन (MOA) हस्ताक्षरित किया गया । केन-बेतवा लिंक परियोजना के लिये 22 दिसम्बर 2021 को केन्द्र सरकार द्वारा 44,605 करोड़ रूपये की राशि की स्वीकृति प्रदान की गई। परियोजना का शुभारंभ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के करकमलों द्वारा छतरपुर जिले में 25 दिसंबर को संभावित है। इस परियोजना को 8 वर्षों में पूर्ण किया जायेगा। परियोजना का व्यय निर्धारण केन्द्र सरकार द्वारा 90 प्रतिशत (केन्द्र) तथा राज्य सरकार द्वारा 10 प्रतिशत (राज्यों) के अनुपात में है। परियोजना के प्रथम चरण एवं द्वितीय चरण से मध्य प्रदेश को 8.11 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा प्राप्त होगी।
केन-बेतवा लिंक परियोजना का प्रथम चरण
परियोजना से मध्यप्रदेश में 6.05 लाख हेक्टेयर एवं उत्तर प्रदेश में 2.51 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में वार्षिक सिंचाई प्रस्तावित है। मध्यप्रदेश में 41 लाख व उत्तर प्रदेश में 21 लाख आवादी को पेयजल की सुविधा प्राप्त होगी। दो पावर हाउस-78 मेगावाट जल विद्युत तथा 27 मेगावाट सोलर विद्युत का उत्पादन जिसे पूर्णत: मध्य प्रदेश द्वारा उपयोग किया जायेगा। पावर हाउस निर्माण का व्यय मध्य प्रदेश द्वारा वहन किया जायेगा। मध्य प्रदेश के 5 जिले छतरपुर, पन्ना, दमोह, टीकमगढ एवं निवाड़ी लाभान्वित होंगे।
परियोजना का द्वितीय चरण (बेतवा कछार में तीन परियोजनाओं का निर्माण)
मध्य प्रदेश के निर्माणाधीन कोठा बैराज, बीना कॉम्पलेक्स एवं लोअर ओर परियोजनाओं का व्यय निर्धारण केन्द्र सरकार द्वारा 60 प्रतिशत अंशदान, 30 प्रतिशत केन्द्रीय ऋण तथा 10 प्रतिशत राज्यांश राशि के अनुपात में है। तीनों परियोजनाओं की कुल लागत 7,548.57 करोड़ है। परियोजनाओं से 2.06 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सूक्ष्म सिंचाई पद्धति से वार्षिक सिंचाई एवं पेयजल की सुविधा प्राप्त होगी। मध्यप्रदेश के 5 जिले सागर, रायसेन, विदिशा, शिवपुरी एवं दतिया लाभान्वित होंगे। परियोजना से 25 मेगावाट विद्युत उत्पादन प्रस्तावित है।
परियोजना की कुल अनुमोदित लागत केन-बेतवा लिंक प्राधिकरण उत्तर प्रदेश के निर्माण कार्य 44,605 करोड़ (प्रथम एवं द्वितीय चरण), 14,575.89 (करोड़ दौधन बांध एवं लिंक नहर), 5,735.85 करोड़ रूपये निर्धारित है।
मध्यप्रदेश के निर्माण कार्यों की लागत 24,293.24 करोड़ है, म.प्र. की कुल सिंचाई 8.10 लाख हेक्टेयर वार्षिक सिंचाई स्वीकृत, 2.50 लाख हेक्टेयर पतने-व्यारमा से प्रस्तावित है। प्रथम चरण (केन नदी कछार) केन-बेतवा लिंक परियोजना, द्वितीय चरण में (बेतवा नदी कछार) बीना कॉम्पलेक्स (निर्माणाधीन), कोठा बैराज (निर्माणाधीन), लोअर ओर (निर्माणाधीन) परियोजनाएं शामिल है। लाभान्वित जिलों में 10 जिले शामिल है जिसमें प्रथम चरण में 5 जिले यथा छतरपुर, पन्ना, दमोह, टीकमगढ़ एवं निवाड़ी, द्वितीय चरण में 5 जिले यथा शिवपुरी, दतिया, रायसेन, विदिशा एवं सागर शामिल है। लाभान्वित ग्रामों में कुल 2013 ग्राम शामिल है जिसमें फेज-1 में 1382 ग्राम एवं फेज-2 में 631ग्राम लाभाविन्त होंगे। लाभान्वित परिवारों में जनगणना वर्ष 2011 अनुसार 7,17,109 परिवार है जिसमें से फेज-1 में 4,16, 288 परिवार एवं फेज-2 में 3,00,821 परिवार लाभान्वित होंगे। पेयजल फेज-1 में 5 जिलों में 41 लाख आबादी एवं फेज-2 में 5 जिलों में 3 लाख आबादी, विद्युत उत्पादन- 103 मेगावाट जल विद्युत एवं 8 मेगावाट सोलर पावर, फेज-1 में दौधन बांध, 78 मेगावाट (जल विद्युत), फेज-2 में बीना कॉम्पलेक्स, 25 मेगावाट (जल विद्युत), मड़िया बांध एवं देहरा बांध (21 MW+4 MW कोठा बैराज, 08 मेगावाट (सोलर पावर)
प्रथम चरण अंतर्गत दौधन बांध का जिलेवार सैंच्य क्षेत्र एवं वार्षिक सिंचाई
दौधन बांध की जीवित जल भराव क्षमता 2684 मि.मी.
मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में 326 लाभांवित ग्रामों में सैंच्य क्षेत्र 70,000 हेक्टेयर, वार्षिक सिंचाई 93800 हेक्टेयर एवं पेयजल हेतु आरक्षित जल की मात्रा 15.81 मि.घ.मी, दमोह जिले में 156 लांभावित ग्रामों में सैंच्य क्षेत्र 20,101 हेक्टेयर, वार्षिक सिंचाई 26935.34, छतरपुर जिले में 688 लाभांवित ग्रामों में सैंच्य क्षेत्र 3,11,151 हेक्टेयर, वार्षिक सिंचाई 416942.34 हेक्टेयर एवं पेयजल हेतु आरक्षित जल की मात्रा 14.70 मि.घ.मी, टीकमगढ़ जिले में 132 लाभांवित ग्रामों में सैंच्य क्षेत्र 25,112 हेक्टेयर, वार्षिक सिंचाई 33650.08 हेक्टेयर एवं पेयजल हेतु आरक्षित जल की मात्रा 29.49 मि.घ.मी तथा निवाड़ी जिले में 80 लाभांवित ग्रामों में सैंच्य क्षेत्र 25,000 हेक्टेयर, वार्षिक सिंचाई 33,500 हेक्टेयर निर्धारित है।
द्वितीय चरण अंतर्गत 3 परियोजनाओं का जिलेवार वार्षिक सिंचाई एवं
लाभांवित ग्रामों की संख्या
लोअर ओर बांध परियोजना अंतर्गत शिवपुरी के 234 लाभांवित ग्रामों में वार्षिक सिंचाई 76800 हेक्टेयर एवं पेयजल हेतु आरक्षित जल की मात्रा 4.36 मि.घ.मी. तथा दतिया के 39 लाभांवित ग्रामों में वार्षिक सिंचाई 13200 हेक्टेयर एवं पेयजल हेतु आरक्षित जल की मात्रा 1.13 मि.घ.मी. निर्धारित की गई है।
बीना कॉम्पलेक्स परियोजना अंतर्गत सागर के 262 लाभांवित ग्रामों में वार्षिक सिंचाई 90000 हेक्टेयर एवं पेयजल हेतु आरक्षित जल की मात्रा 44.20 मि.घ.मी. तथा रायसेन (उद्वहन) के 13 लाभांवित ग्रामों में वार्षिक सिंचाई 6000 हेक्टेयर तथा कोठा बैराज परियोजना अंतर्गत विदिशा के 83 लाभांवित ग्रामों में वार्षिक सिंचाई 20000 हेक्टेयर एवं पेयजल हेतु आरक्षित जल की मात्रा 6.60 मि.घ.मी. निर्धारित की गई है।
