
मोटी रकम पर 250 सिम बेच चुका है, जालसाजो को
नया सिम या नंबर पोर्ट कराने के नाम पर ग्राहकों की सिम कराता था एक्टिवेट
भोपाल। क्राइम ब्रांच भोपाल की सायबर टीम ने शेयर मार्केटिंग में इन्वेस्ट कराने के नाम धोखाधडी करने वाले गिरोह को फर्जी सिम उपलब्ध कराने वाले पीओएस एंजेट को सूरत गुजरात से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। इससे पहले टीम पॉच और आरोपियो को गिरफ्तार कर चुकी है। क्राईम ब्रांच एडीसीपी शैलेन्द्र सिंह चौहान ने जानकारी देते हुए बताया कि राजधानी निवासी एक महिला की नाती के साथ अज्ञात ठग द्वारा एमआरटीईई मार्केटिंग प्रायवेट लिमिटेड कंपनी द्वारा शेयर देने के नाम पर 9 लाख की ऑनलाईन धोखाधडी की गई थी। जांच के आद फ्रॉड बैंक खातों का इस्तेमाल करने वाले अज्ञात आरोपियो के खिलाफ धारा 319(2), 318(4) बीएनएस के तहत मामला कायम किया गया था। आगे की कार्यवाही करते हुए पुलिस ने तकनीकी जानकारी के आधार पर इसी साल अगस्त माह में ठगी में प्रयोग किये गये बैंक एकांउट के खाता धारको आरोपी रामनाथ लोधी को शिवपुरी, बांभनीया शांति, प्रजापति अश्विन, परमार कमलेश, तीनो निवासी सूरत गुजरात को कपोदरा जिला सूरत गुजरात से गिरफ्तार किया था। मामले में आगे की कार्यवाही करते हुए टीम ने 16 दिसंबर को जालसाजी में उपयोग किये गये मोबाईल नंबर को फर्जी तरीके से एक्टिवेट कर सायबर ठगो को बेचने वाले पीओएस ऐजेन्ट आशुतोष कुमार पिता उमेश सिंह (22) हाल निवास साईं रेसिडेंसी, कर्सनपाडा, ओलपाड, जिला सूरत गुजरात, स्थाई पता ग्राम दुर्गापुर कुशवाह टोला, पोस्ट सेमापुर, थाना बरारी जिला कटिहार बिहार को सूरत गुजरात से गिरफ्तार कर लिया है। पकड़ाये गये आरोपी पीओएस एजेन्ट आशुतोष ने पूछताछ में बताया कि वह नया सिमकार्ड देने अथवा सिम पोर्ट कराने के बहाने ग्राहकों के नाम से सिम एक्टिवेट कर लेता लेकिन सिम एक्टिवेट कराने के बाद ग्राहकों से टेक्निकल समस्या के कारण सिम एक्टिवेट नहीं होने की बात कहते हुए सिम को अपने पास ही रख लेता था। बाद में आशुतोष अन्य लोगों के नाम एक्टिवेट की गई ऐसी सिमो को सायबर ठगों को 1 से 2 हजार रुपये के कमीशन पर बेच देता था। आरोपी बीते करीब छ महीनो से सायबर ठगों को फर्जी सिम बेचने का काम कर रहा था, और अब तक करीब 250 सिमकार्ड सायबर ठगों को बेच चुका है। टीम ने उसके पास से 10 एक्टिवेटेड सिमकार्ड जप्त किये है। पीओएस आशुतोष ने पुलिस को बताया कि उसने अन्य पीओएस एजेंट्स से फर्जी तरीके से सिम एक्टिवेट कर बेचने का काम सीखा था। मामले में सामने आई जानकारी के आधार पर धारा 61(2), 238 बीएनएस एवं 66(डी) आईटी एक्ट का इजाफा किया गया है।
