
दमोह : कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर के निर्देशन में जिले में मातृ स्वास्थ्य सेवाओं में गुणात्मक सुधार लाने विशेष नवाचारी पहल की गई है। राज्य स्तर पर इसके परिणाम भी दिखायी देने लगे है । राज्य स्तर पर अप्रैल 24 से नबंवर 24 माह दौरान विस्तारित प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत पंजीकृत मातृ-स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा दौरान दमोह जिले ने दूसरा स्थान अर्जित किया है। इस दौरान 22,009 महिलाओं की जांच स्त्री रोग विशेषज्ञों द्वारा की गयी है ।
समुदाय स्तर पर चिन्हित सभी जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को संस्था स्तर पर सेवायें सुनियोजित रूप से सुनिश्चित की जा सके इस हेतु सप्ताह पूर्व चिन्हित जोखिम वाली महिलाओं में से उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को प्राथमिकता में लेकर लिस्ट तैयार की जाती है। मैदानी स्वास्थ्य कार्यकर्ता द्वारा संबंधित महिलाओं से गृहभेंट कर संस्था स्तर पर विशेषज्ञ जांच हेतु आयोजित विशेष क्लीनिक की सूचना दी जाती है। सभी हितग्राहियों का संस्था पर पहुंचना सुनिश्चित करने के लिये निःशुल्क 108 एम्बुलेंस वाहन व्यवस्था रूट अनुसार संस्था पर कार्यकर्ताओं द्वारा भेजा जाता है। संस्था में इन महिलाओं की गरिमापूर्ण उचित बैठक व्यवस्था एवं स्वल्पाहार की व्यवस्था भी बनायी गयी है। संस्था में ऐसी उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को प्राथमिकतानुसार सुलभ रूप से विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवायें मिल सके इसके लिये पृथक काउंटर बनाये गये है। विशेषज्ञ क्लीनिक दौरान किसी भी प्रकार अव्यवस्था न हो इसका विशेष ध्यान रखा जाता है। इन सभी के परिणामस्वरूप जिले में ई-पीएमएसए स्वास्थ्य क्लीनिक दौरान महिलाओं में विशेषज्ञ जांच हेतु उत्साह बढ़ा है। इसके साथ ही अन्य समीपवर्ती जिलों के सीमा से लगे क्षेत्रों की महिलाएं भी सुविधाओं से आकर्षित होकर स्वास्थ्य सेवा के लिये निकटवर्ती संस्थाओं में पहुंच रही है। जिससे जिले में माह नबंवर तक पंजीकृत 18,775 महिलाओं की तुलना में 117 प्रतिशत महिलाएं लाभांवित हुई है।
