
बालाघाट। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा संविधान निर्माता बाबा साहेब आंबेडकर के संबंध में संसद भवन में की गई अशोभनीय टिप्पणी को लेकर शहर मुख्यालय में शहर कांग्रेस कमेटी द्वारा 21 दिसम्बर को जिला कांग्रेस कार्यालय से रैली निकालकर प्रदर्शन किया गया। कांग्रेसियों ने गृह मंत्री को पद से हटाये जाने को लेकर व लोकसभा के विपक्ष नेता राहुल गांधी के खिलाफ की गई झूठी एफआईआर वापस लिये जाने की मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को ज्ञापन दिया गया हैं।
कांग्रेसियों ने हनुमान चौक स्थित कांग्रेस कार्यालय के पास एकत्रित होकर वहां से वाहन रैली के साथ नारेबाजी करते हुये शहर के महावीर चौक से मेन रोड होते हुये काली पुतली चौक से आंबेडकर चौक पहुंचें। जहां पर बाबा साहक की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर विरोध प्रदर्शन किया। इस अवसर पर सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल के साथ ही सीएसपी वैशाली ङ्क्षसह कराहलिया, कोतवाली टीआई प्रकाश वास्कले, यातायात प्रभारी आकाश शर्मा सहित नपा द्वारा भी आम्बेडकर चौक में फायर ब्रिगेड व दमकल•ॢर्मयों की भी तैनाती की गई थी।
शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष श्याम पंजवानी ने बताया कि भारत के संविधान के निर्माता स्वतंत्र भारत के प्रथम कानून मंत्री डॉ. भीमराव आम्बेडकर के संबंध मे हमारे देश के गृहमंत्री अमित शाह द्वारा सदन में कहा गया कि ये फैशन बन गया है कि आम्बेडकर, आम्बेडकर, आम्बेडकर इतना नाम भगवान का लेते तो सात जन्मों का स्वर्ग मिल जाता। देश को गृह मंत्री के इस तरह बयानबाजी करने से पूरे देश में आम्बेडकर को मानने वालों में आक्रोश है। जिसके विरोध में पूरे देश के लोग आंदोलित है तथा गृह मंत्री अमित शाह के द्वारा की गई आपत्ति की निंदा करते है। उन्हें देश के इतने बड़े जिम्मेदार गृह मंत्री पद पर बने रहने का अधिकार नही है। उन्होंने राष्ट्रपति से मांग की है कि उन्हें तत्काल पद से हटाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकसभा के विपक्ष नेता राहुल गांधी के साथ उक्त मुद्दे को लेकर भाजपा के नेताओं द्वारा धक्का मुक्की की गई है तथा इनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया है। बावजूद भाजपा के सांसदों ने राहुल गांधी के खिलाफ झूठी एफआईआर दर्ज करा दी गई हंै। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के खिलाफ की गई झूठी रिपोर्ट का खात्मा कर भाजपा नेताओं के खिलाफ कार्यवाही करने का आदेश पारित करें। उन्होंने शासन-प्रशासन को चेतावनी दी है कि हमारी मांगें शीघ्र पूरी नहीं की गई तो कांग्रेस पूरे देश में उग्र आंदोलन करने बाध्य होगी।
