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बालाघाट । न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी दयालसिंह सूर्यवंशी तहसील बैहर जिला बालाघाट की अदालत ने सागौन का अवैध परिवहन करने वाले आरोपियों को एक-एक वर्ष का सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। वहीं प्रत्येक आरोपियों को 28-28 हजार रुपए के अर्थदंड भी दंडित किया है। प्रकरण में अभियोजन की ओर से पैरवी विमल सिंह सहायक जिला अभियोजन अधिकारी बैहर द्वारा की गई। इस प्रकरण में आरोपी जमनलाल पिता सुंदरलाल निवासी ग्राम आमगांव, लोकेश पिता कुंवरसिंह मेरावी निवासी ग्राम सहेगांव, राहुल पिता विकासचंद निवासी ग्राम भिमजोरी, संजय पिता नैनसिंह यादव निवासी ग्राम भिमजोरी, आशीष पिता बसंत निवासी ग्राम भिमजोरी थाना मलाजखंड, रोहित पिता नन्हेसिंह मेरावी, निवासी ग्राम गुदमा थाना बैहर को भा.व.अधि. की धारा 26, 42, म.प्र.व.उ. की धारा 16 में 1-1 वर्ष का सश्रम कारावास और प्रत्येक आरोपियों को 28-28 रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदायगी के व्यतिक्रम में 1 माह का सश्रम कारावास पृथक से भुगतने के आदेश दिए।
जानकारी के अनुसार वन परिक्षेत्र बिरसा दमोह सामान्य के अंतर्गत आरक्षित वन क्षेत्र कक्ष क्रमांक आरएफ 1723, 1724, 1725 तोरगा बीट में सभी आरोपियों ने कक्ष के ए भाग बेंदरीडोंगर व अन्य क्षेत्र में सागौन के वृक्षों की अवैध कटाई की थी। सागौन को छिलकर उसकी सिल्ली बनाकर वनक्षेत्र के बाहर बिना वैद्य दस्तावेज के परिवहन करते हुए पकड़ा गया था। आरोपियों को टाटा विंगर वाहन क्रमांक सीजी 07 एम8451 में सागौन का परिवहन करते हुए पकड़ा गया था। जिस पर भारतीय वन अधिनियम की धारा 26, म.प्र .वनोपज व्यापार विनिमय अधिनियम की धारा 5, 15, 18 के तहत जब्त किया गया था। 24 फरवरी 2016 को पीओआर तैयार किया गया। आरोपियों को गिरफ्तार कर जमानत पर रिहा किया गया। अन्वेषण उपरांत परिवाद पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। विचारण उपरांत न्यायालय ने अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य एवं तर्को से सहमत होते हुए आरोपियों के विरूद्ध अपराध का दोषी पाते हुए उन्हें उपरोक्त दंड से दंडित किया है।

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