
आईसीयू में तीन घंटे उपचार के बाद आया होंश, छात्रा का हाल जानने पहुंचे डीईओ
मामला जिले के एक ऐसे स्कूल का जो कागजो में वर्षो पहले हो चुका है बंद, कलेक्टर ने की थी मान्यता समाप्ति की कार्रवाई
अशोकनगर। नोटबुक न ला पाने की एक छोटी सी गलती पर निजी स्कूल की एक टीचर ने कक्षा 8वीं की मासूम छात्रा को इतनी बेरहमी के साथ पीटा की छात्रा मौके पर ही बेहोंश हो गई। आनन-फानन में कक्षा के दूसरे छात्रों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां करीब 3 घंटे तक आईसीयू वार्ड में भर्ती रहने के बाद छात्रा होंश में आई। घटना बीते मंगलवार की दोपहर करीब 2 बजे की है। वहीं मामले का खुलासा तब हुआ जब छात्रा के साथ मारपीट की शिकायत लेकर पालक बुधवार को थाने में पहुंचे। प्राप्त जानकारी अनुसार भारतीयम पब्लिक स्कूल जो कागजो में वर्षों पहले बंद हो चुका है की कक्षा 8वी में पढऩे वाली छात्रा बीते दिन मंगलवार को अपनी नोट बुक लाना भुल गई थी। इतनी सी बात को लेकर टीचर ने छात्रा के साथ बेरहमी से मारपीट कर दी। स्कूल टीचर ने पहले तो छात्रा के गाल की कई थप्पड़ जड़े और फिर इस कदर पीटा कि छात्रा बेहोश हो गई। उसे आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा। बच्ची इतने सदमे में थी कि अपने मामा को नहीं पहचान पा रही थी। बुधवार को छात्रा के परिजन ने टीचर के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई है। घटना की जानकारी मिलने पर जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) नीरज शुक्ला और डीसीपी राहुल शर्मा अस्पताल पहुंचे। बच्ची से बातचीत करके हालचाल जाना। इसके बाद दोनों अधिकारी स्कूल गए। निरीक्षण में स्कूल मैनेजमेंट के पास मान्यता संबंधी दस्तावेज नहीं मिले। इस पर जिला शिक्षा अधिकारी ने स्कूल को तुरंत बंद करने के निर्देश दिए। पीडि़त छात्रा शिवपुरी के धधेरा थाना क्षेत्र की रहने वाली है। अशोकनगर में पछाड़ी खेड़ा रोड स्थित मामा के घर पर रहकर पढ़ाई कर रही है।
अन्य छात्रों ने अस्पताल में भर्ती कराया:
परिजन के मुताबिक, बच्ची रोज की तरह मंगलवार को भी स्कूल गई थी। यहां करीब 2 बजे टीचर परी शर्मा ने उससे नोटबुक मांगी। बच्ची ने कहा कि वह नोटबुक लाना भूल गई है। यह सुनकर टीचर ने उसके गाल पर थप्पड़ मारे। फिर पिटाई कर दी। इससे छात्रा की तबीयत खराब हो गई। अन्य छात्र उसे स्कूल की वैन से अस्पताल ले गए। छात्रा को आईसीयू में भर्ती कराया गया, जहां वो तीन घंटे तक बेहोश रही।
मामा बोले- मुझे पहचानने से इनकार किया:
बच्ची के मामा ने बताया कि होश में आने के बाद बच्ची रात 9 बजे तक सोती रही। उठी तो उसकी याददाश्त चली गई थी। वो मुझे पहचानने से इनकार कर रही थी।
