


सागर । सोमवार को जिले में चल रही बसों की जांच की गई। दोपहर 3 बजे से शाम 7.30 बजे तक 45 बसों की जांच की गई। इस दौरान ऐसी कोई बस नहीं मिली जिसमें नियम कानून का पालन पूरी तरह किया जा रहा हो। सभी बसों में कमियां मिलीं। ओवर लोडिंग के साथ बसें बगैर फर्स्ट एड बॉक्स के चल रहीं थी। कुछ बसों में ड्राइवर कंडक्टर बगैर यूनिफॉर्म के थे। कंडक्टर लाइसेंस भी नहीं मिले। यह जांच कलेक्टर संदीप जीआर के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट जूही गर्ग के साथ ट्रैफिक डीएसपी मयंक चौहान, तहसीलदार प्रवीण पाटीदार व आरटीओ सुनील शुक्ला सहित अन्य अफसरों की टीम ने की। बसों की जांच की कार्रवाई दोपहर 3 बजे से शुरू हुई। सिविल लाइन से गुजरने वाली बसों को खड़ा करके जब यातायात नियमों पर परखा गया तो सभी बसों में कमियां मिलीं। प्रत्येक कमी पर नियमानुसार जुर्माना लगाया गया। साथ ही आगे से फिर कमियां नहीं मिलें इसकी हिदायत दी गई। साढ़े चार घंटे चली इस कार्रवाई से बस संचालकों में हड़कंप की स्थिति रही। कुछ बसें बहाने बनाकर गतव्य से पहले ही रोक दी गईं। यात्रियों को अपने साधनों से बस स्टैंड तक आना पड़ा।
अफसरों द्वारा यह संयुक्त कार्रवाई कर सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के पालनार्थ बसों में सुरक्षा-सुविधाओं एवं लाइसेंस संबंधी जांच की गई। जिलेवासियों को वाहनों में किसी प्रकार की परेशानी ना हो और सुगम एवं सुलभ परिवहन उपलब्ध हो इसके लिए यात्री वर्षों की जांच में बस का फिटनेस, ड्राइवर का लाइसेंस, बस की फायर सेफ्टी उपकरण सहित अन्य सुविधाओं की जांच की गई। कार्रवाई की गई। बस ड्राइवर यूनिफॉर्म में नहीं मिले।
कंडक्टर लाइसेंस नहीं मिले। बसों में सबसे ज्यादा जरूरी फर्स्ट एड बॉक्स व अग्नि सुरक्षा के उपकरण नहीं मिले।
बसों में ओवर लोडिंग मिली।
