मुंबई। महाराष्ट् में भाजपा सरकार ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। पिछले महीने लाभार्थियों की संख्या घटकर 2.41 करोड़ रह गई। क्योंकि अलग-अलग कारणों से पांच लाख महिलाएं अपात्र पाई गई हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि दिसंबर 2024 में लाभार्थियों की संख्या 2.46 करोड़ थी। वहीं महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने कहा है कि पिछले साल जुलाई से दिसंबर के बीच इन अपात्र महिलाओं के खातों में कुल मिलाकर 450 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए। इसके बावजूद यह राशि वापस नहीं ली गई है। इस बीच महाराष्ट्र सरकार ने कहा है कि उनका ऐसा करने का कोई इरादा भी नहीं है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि सरकार को ऐसी क्या हड़बड़ी थी जो अपात्रों में 450 करोड़ बांट दिए?
दरअसल इस योजना के तहत 21-65 आयु वर्ग की उन महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह सहायता राशि दी जाती है। जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय 2।5 लाख रुपये से कम है। पात्रता की अन्य शर्तों में चार पहिया वाहन न होना और परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी सेवा में न होना शामिल है। महाराष्ट्र सरकार में कैबिनेट मंत्री अदिति तटकरे ने कहा कि जिन महिलाओं को अपात्र घोषित किया गया है। उन्हें आगे कोई लाभ नहीं मिलेगा। लेकिन पहले से जमा की गई राशि वापस लेना उचित नहीं होगा।
महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी ने बताया कि जिन पांच लाख महिलाओं को अपात्र माना गया, उनमें से 1.5 लाख महिलाएं 65 वर्ष से अधिक उम्र की थीं, जबकि 1.6 लाख महिलाओं के पास या तो चार पहिया वाहन था या वे ‘नमो शेतकरी योजना’ जैसी अन्य सरकारी योजनाओं की लाभार्थी थीं। अधिकारी ने बताया कि करीब 2.3 लाख महिलाएं संजय गांधी निराधार योजना के तहत लाभ प्राप्त कर रही थीं। इसके चलते वे ‘लाडकी बहिन योजना’ के लिए अपात्र हो गईं। महाराष्ट्र में लाडली बहना योजना यानी ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना’ पिछले साल जुलाई में शुरू की गई थी।
