
बंगाल पुलिस ने पेश की मिसाल
कोलकाता । पश्चिम बंगाल की विभिन्न अदालतों ने नाबालिग लड़कियों से बलात्कार और हत्या के मामले में बीते छह माह में छह दोषियों को मौत की सजा सुनाई है। इसके अलावा, अपने परिवार के सदस्यों की हत्या करने के दोषी व्यक्ति को भी मृत्युदंड की सजा सुनाई गई, इससे राज्य में बीते छह महीने में मृत्युदंड की सजा पाने वालों की संख्या बढ़कर सात हो गई है।
इस सूची में आरजी कर अस्पताल बलात्कार और हत्या मामले के दोषी संजय रॉय का नाम शामिल नहीं है। किशोरी का क्षत-विक्षत शव सात फरवरी 2025 को कोलकाता के न्यू टाउन इलाके में मिला था। पुलिस ने मामले में 22 वर्षीय ई-रिक्शा चालक को गिरफ्तार किया है। बात दें कि बंगाल में आखिरी न्यायिक फांसी दो दशक पहले हुई थी। दक्षिण कोलकाता के एक आवासीय इमारत के सुरक्षा गार्ड धनंजय चटर्जी को 16 वर्षीय छात्रा से बलात्कार और हत्या के मामले में वर्ष 2004 में 15 अगस्त से ठीक पहले फांसी दी गई थी। अपराध को मार्च 1990 में अंजाम दिया गया था।
जघन्य अपराध के इन मामलों में सितंबर 2024 से फरवरी 2025 के बीच मौत की सजा सुनाई गई। सिलीगुड़ी की एक पॉक्सो अदालत ने सात सितंबर 2023 को मोहम्मद अब्बास को मौत की सजा सुनाई। आरोपी अब्बास को अगस्त 2023 में माटीगारा इलाके में स्कूल जा रही 16 वर्षीय लड़की से बलात्कार और हत्या का दोषी पाया गया था। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने फैसले का स्वागत कर लिखा, यह त्वरित सजा बंगाल पुलिस के प्रयासों का प्रमाण है बीते एक साल के भीतर न्याय सुनिश्चित किया। अपराजिता बलात्कार विरोधी विधेयक के लागू होने से इस तरह की कठोर सजाएं एक मिसाल बनेंगी, अपराधियों में डर पैदा करेंगी और इसतरह के जघन्य अपराधों को रोका जा सकेगा।
